Thursday , October 22 2020

9,100 cr के सैन्य उपकरण खरीदेगी सरकार

नई दिल्ली

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 9100 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरणों और हथियारों की खरीद को मंजूरी दे दी। डीएसी ने टी 90 टैंकों के गाइडेड वेपंज सिस्टम के लिए जांच उपकरणों के डिजाइन और विकास को भी मंजूरी दी। खास बात यह है कि पहले ये उपकरण विदेशी कंपनियों से खरीदे जाते थे, अब इन्हें सरकार के ‘मेड इन इंडिया’ पहल के तहत देश में ही तैयार किया गया है।

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली ‘रक्षा खरीद परिषद’ (DAC) ने आकाश मिसाइल के नवीनतम संस्करण की खरीद को मंजूरी दे दी। आपको बता दें कि DAC रक्षा मंत्रालय का सर्वोच्च खरीद निकाय है। डीएसी ने सरकारी ‘भारत डाइनैमिक्स लिमिटेड’ से वाई इंडिया श्रेणी के अंतर्गत आकाश मिसाइल प्रणाली की दो अतिरिक्त रेजिमेंट्स की खरीद को मंजूरी दे दी।

रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, ‘खरीदी जाने वाली मिसाइल पूर्व की आकाश मिसाइल का उन्नत संस्करण है और इसमें सीकर टेक्नॉलजी है, जिसका कवरेज 360 डिग्री है और इसका कॉन्फिगरेशन कॉम्पैक्ट होगा।’ बयान के अनुसार, ‘उन्नत आकाश हथियार प्रणाली संचालन के मामले में महत्वपूर्ण इक्विपमेंट है, जो प्रमुख संपत्तियों की रक्षा करेगा।’

डीएसी ने टी-90 टैंकों के लिए पानी के अंदर सांस लेने के लिए विशेष उपकरण ‘इंडिविजुअल अंडर वॉटर ऑर्गनाइजेशन’ (IUWBA) की प्रोग्रेसिव डिजाइन और विकास को भी मंजूरी दे दी। ‘रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन’ (डीआरडीओ) द्वारा विकसित आईयूडब्ल्यूबीए का उपयोग टैंक चालक दल के सदस्य सुरक्षा गियर के रूप में करते हैं।

डीएसी ने टी-90 टैंकों के ‘गाइडेड हथियार प्रणाली’ के लिए परीक्षण उपकरणों के विकास और डिजाइन को भी मंजूरी दे दी। बयान के अनुसार, ‘डीआरडीओ इन उपकरणों को विकसित कर रहा है और वह टी-90 टैंकों के गाइडेड हथियार प्रणाली के परीक्षण में उपयोग के लिए परीक्षण उपकरणों का स्वदेशी समाधान देगा। इससे पहले विदेशी कंपनियों से खरीदे जाने वाले उपकरण अब देश में विकसित किए जा रहे हैं।’

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