Wednesday , October 21 2020

चीन से फिर होगी कमांडर स्तर की बातचीत, इस बार ऐसे ही नहीं छोड़ेगा भारत?

नई दिल्ली

भारत औऱ चीन के बीच सीमा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि संसद में रक्षा मंत्री ने यह भी माना था कि यह मामला इतना आसान नहीं है। उन्होंने कहा था कि इसका हल बातचीत से ही निकाला सकता है लेकिन सीमा पर शांति जरूरी है। इसी क्रम में सोमवार को एक बार फिर दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की बातचीत होने जा रही है। यह कोर कमांडर स्तर की छठी वार्ता होगी। खास बात यह है कि इसमें विदेश मंत्रालय का एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होगा।

सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की यह वार्ता चीन वाले हिस्से मोल्दो में होगी। यह वार्ता सुबह 9 बजे शुरू होगी। स्पष्ट है कि इस वार्ता से भारत कुछ मजबूत हल चाहता है। SCO समिट के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने आश्वासन दिया था कि डिसइंगेजमेंट को लेकर वे गंभीर हैं। उन्होंने वादा किया था कि पूर्व के समझौतों का सम्मान किया जाएगा। भारत की तरफ से प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेह के 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह कर सकते हैं वहीं चीन की तरफ से वार्ता में मेजर जनरल लिउ लिन शामिल होंगे। भारत इस वार्ता में चीन पर तुरंत फिंगर पॉइंट से हटने का दबाव डाल सकता है।

अब तक चीन और भारत के बीच की बातचीत बेनतीजा साबित हुई हैं। चीन कहता कुछ और है और कहता कुछ और है। शांति और अपनी सीमा में रहने का आश्वासन देने के बाद भी वह विस्तारवादी नीति से बाज नहीं आ रहा है।दरअसल चीन भारत की मजबूती से हैरान है। भारतीय सेना ने 29 अगस्त और सितंबर के बीच कई चोटियों पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। चीनी सेना ने एक बार घुसपैठ करने की कोशिश की तो भारतीय जवानों ने उन्हें पीछे का रास्ता दिखा दिया। उस तरफ से गोलीबारी की गई तब भी जवानों के हौसले नहीं हिले। पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर हवा में फायरिंग की कम से कम तीन घटनाएं हुईं।

विदेश मंत्रीऔर रक्षा मंत्री ने SCO सम्मेलन के दौरान भी अपने समकक्षों से मुलाकात की थी और शांति स्थापित करने पर बात की। उस समय तो चीन राजी होता नजर आया लेकिन फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। चीनी सेना की ओर से बीच-बीच में अतिक्रमण की कोशिशें होती रहीं हैं। इसके बाद भारत की सेना लगातार ऑपरेशंस कर रही है जिसमें रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण ऊंचाइयों तक पहुंच बनाई जा रही है। इन ऑपरेशंस की मॉनिटरिंग राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे कर रहे हैं।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

बड़ा खुलासा: PM मोदी, दलाई लामा…चीन ने कहां-कहां छोड़ रखे थे जासूस?

नई दिल्ली भारत में चीन के जासूसी कांड की जांच अहम खुलासा हुआ है। सूत्रों …

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!