जैसलमेर:
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लगातार सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार की ओर से जहां पाकिस्तान से आए लोगों को 24 घंटे के भीतर देश से जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सीमाओं की चौकसी भी बढ़ा दी गई है। इसी बीच BSF DIG योगेंद्र सिंह राठौड़ ने की ओर से एक बयान जारी किया गया है, जो पाकिस्तान के लिए चुनौतीभरा है। राठौड़ ने कहा, “पहलगाम की घटना बहुत दुखद घटना है, भारत सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं। जहां तक सीमा का सवाल है, सीमाओं की रक्षा करना बीएसएफ की पहली जिम्मेदारी है… सीमाओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, हमारी नजर हर कोने पर है, हमारे जवान किसी भी हमले को रोकने में सक्षम हैं। हम अपनी सभी एजेंसियों के साथ समन्वय में हैं… हम हमेशा 24 घंटे, साल के 365 दिन अलर्ट पर रहते हैं… बीएसएफ की मौजूदगी में सीमा पर कोई नापाक हरकत नहीं कर सकता।”
अभी तक भारत की ओर से यह उठाए गए कदम
– भारत ने पाकिस्तान के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को बैन कर दिया है। यह एक बड़ा कदम है। भारत ने यह कार्रवाई साइबर कूटनीति के तहत की है। इसका मकसद पाकिस्तान के गलत प्रचार को रोकना है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को कमजोर करना है। इस कार्रवाई का उद्देश्य पाकिस्तान के प्रचार तंत्र को कमजोर करना है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी विश्वसनीयता को प्रभावित करना है।
– दूसरी ओर, भारत ने 1960 के सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। यह समझौता वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच जल संसाधनों के बंटवारा था। भारत का यह कदम न केवल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, बल्कि उसके कृषि क्षेत्र पर भी गहरा प्रभाव डालेगा, क्योंकि सिंधु और उसकी सहायक नदियों का पानी पाकिस्तान के लिए जीवनरेखा माना जाता है। विदेश मंत्रालय ने इस फैसले को भारत की संप्रभुता और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया।
– भारत ने सीमा पर सख्त कदम उठाए हैं। पाकिस्तान से लगने वाली अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को हमेशा के लिए बंद कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार रुक जाएगा। भारत ने SAARC वीजा भी रद्द कर दिया है। साथ ही, सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया है। यह कदम भारत की सुरक्षा को मजबूत करेगा। अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट, जो भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार का मुख्य केंद्र थी, अब बंद हो गई है। यह बंदी अनिश्चितकाल के लिए है। इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो जाएंगी।
– कूटनीतिक स्तर पर भी भारत ने सख्ती दिखाई है। पाकिस्तान उच्चायोग में कर्मियों की संख्या को कम करने की बात कही गई है। इसके अलावा, दोनों देशों के उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 कर दिया गया है। यह कदम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को न्यूनतम स्तर पर लाने का संकेत है। इसके अलावा पाकिस्तान के लोगों को जल्द भारत छोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।
