नई दिल्ली,
सेक्सटॉर्शन… ये स्कैम का एक नया तरीका है, जिसमें हर दिन कोई ना कोई शख्स फंसता है. इससे जुड़ा हालिया मामला केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का है. इस मामले में केंद्रीय मंत्री की शिकायत के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस इस मामले के मास्टमाइड को खोजने में लगी हुई है.
हालांकि, इन सब के बीच एक सवाल आता है, जो आम आदमी से जुड़ा हुआ है. आप सेक्सटॉर्शन से खुद को कैसे बचा सकते हैं? इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें पहले सेक्सटॉर्शन और फिर इसके पूरे खेल को समझना होगा.
क्या है सेक्सटॉर्शन?
ये शब्द दो शब्दों- सेक्स और एक्सटॉर्शन का मिला हुआ रूप है. अपराधी इस तरह के मामलों में किसी की फेक अश्लील क्लिप बनाकर उससे उगाही यानी एक्सटॉर्शन करते हैं. यानी इसमें पहले शिकार खोजा जाता और फिर उसे जाल में फंसाया जाता है और आखिर में उगाही की जाती है. ये एक्सटॉर्शन हजारों रुपये से लाखों और करोड़ों रुपये तक का हो सकता है.
कैसे होता है खेल?
इस तरह के मामलों में स्कैमर्स यूजर्स को वीडियो कॉल करते हैं. ये वीडियो कॉल वॉट्सऐप पर आती है और जैसे ही आप इसे रिसीव करते हैं, आप इसके जाल में फंस जाते हैं. स्कैमर्स सबसे पहले आपकी कुछ सेकेंड की वीडियो को रिकॉर्ड करके उसे एक अश्लील वीडियो में बदलते हैं. कई बार ये कॉल अनजान होती है, तो कई मामलों में कुछ दिनों पहले की हुई दोस्ती होती है.
AI के जरिए सेक्सटॉर्शन बन रहा है आसान…
AI के जरिए किसी भी अश्लील क्लिप में किसी दूसरे शख्स की तस्वीर लगा देना काफी आसान हो गया है. इतना ही नहीं, देखने में भी ये असली जैसे लगते हैं. जब तक पूरी फॉरेंसिक ना हो तब तक ये पता चल पाना भी कई बार मुश्किल हो जाता है. ऐसे में स्कैमर्स के लिए AI भी एक बड़ा टूल बन कर उभर रहा है.
