4.7 C
London
Saturday, March 21, 2026
Homeराष्ट्रीयतेजी से भाग रहा दुश्मन विमान नहीं बचेगा भारत की इस मिसाइल...

तेजी से भाग रहा दुश्मन विमान नहीं बचेगा भारत की इस मिसाइल से, टेस्ट सफल

Published on

नई दिल्ली,

भारतीय सेना और भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने आज यानी 8 सितंबर को क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM) का सफल परीक्षण किया. ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्टिंग रेंज (ITR) से छह मिसाइलें दागी गईं. मिसाइलों को दागने के दौरान यह देखा गया कि क्या वो तेज गति से आ रहे टारगेट पर सटीकता से हमला कर पाते हैं या नहीं.

परीक्षण के दौरान कई तरह की परिस्थितियों को पैदा किया गया. जिसमें दुश्मन का हवाई टारगेट तेज गति से आता है. उसे खत्म करने के लिए QRSAM को लॉन्च किया जाता है. इस दौरान लॉन्ग रेंज मीडियम एल्टीट्यूड, शॉर्ट रेंज, हाई एल्टीट्यूड मैनुवरिंग टारगेट, लो राडार सिग्नेचर, क्रॉसिंग टारगेट्स और दो मिसाइलों को एक के एक बाद दागकर टारगेट के बचने और खत्म होने की समीक्षा की गई. परीक्षण को दिन और रात दोनों परिस्थितियों में किया गया.

क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM) ने सभी मानकों को पूरा किया. सटीकता से साथ टारगेट पर हमला किया. इस दौरान मिसाइल के वॉरहेड चेन की भी जांच की गई. सारे परीक्षणों के बाद यह बात पुख्ता हो गई कि भारतीय QRSAM सिस्टम बेहतरीन, घातक, तेज और सटीक है. डीआरडीओ ने फ्लाइट टेस्ट के दौरान टेलीमेट्री, राडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम की भी जांच की. ताकि यह पता चल सके कि ये सभी मिसाइल और दुश्मन के टारगेट को सही से ट्रैक कर रहे हैं या नहीं. सभी सिस्टम बखूबी काम कर रहे थे.

इन परीक्षणों के बाद QRSAM को सेना को सौंप दिया जाएगा. इन मिसाइलों में स्वदेशी रेडियो फ्रिक्वेंसी सीकर (RF Seeker) लगे हैं. इस सिस्टम में इसके अलावा मोबाइल लॉन्चर, ऑटोमेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, सर्विलांस और मल्टी-फंक्शन राडार होता है. आप इस मिसाइल को दागने के बाद भूल जाइए. यह अपने टारगेट का पीछा करके मारता है. मिसाइल की इस क्षमता का सफल परीक्षण आज हुए टेस्ट के दौरान कर लिया गया.

भारतीय स्वदेशी क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM) के ऊपर HMX/TNT या प्री-फ्रैगमेंटेड वॉरहेड लगाया जा सकता है. वॉरहेड का वजन 32 किलोग्राम हो सकता है. मिसाइल की रेंज 3 से 30 किलोमीटर है. यह 98 फीट ऊंचाई से लेकर 33 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकती है. इसकी अधिकतम गति मैक 4.7 यानी 5757.70 किलोमीटर प्रतिघंटा है. इसे छह ट्यूब वाले लॉन्चर ट्रक से दागा जा सकता है.

 

Latest articles

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

नवरात्र के पहले दिन रिकॉर्ड 622 रजिस्ट्रियां, सात करोड़ की आय

भोपाल भोपाल में चैत्र नवरात्र के पहले दिन संपत्ति रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड बना है। एक...

भोपाल में नहीं दिखा ईद का चांद, आज धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

भोपाल भोपाल में गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आया, जिसके चलते अब शुक्रवार...

कटारा हिल्स में रजाई-गद्दे की दुकान खाक, दमकल की देरी से भड़का लोगों का गुस्सा

भोपाल भोपाल। राजधानी के कटारा हिल्स स्थित स्प्रिंग वैली क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर कार्यमुक्त, अब एनएमडीसी में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

नई दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) में एक...

भेल की बोर्ड बैठक में बड़ा फैसला: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव के लिए टिटागढ़ रेल के साथ बनेगा नया जॉइंट वेंचर

नई दिल्ली | देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी, भारत हैवी...