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Thursday, April 23, 2026
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देश में बढ़ रहे हीट स्ट्रोक के मामले, स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों संग की बैठक, दिए खास निर्देश

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नई दिल्ली

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के साथ भीषण गर्मी की स्थिति से जुड़ी तैयारियों को लेकर वर्चुअल समीक्षा बैठक की। देश भर के अस्पतालों में अपनाए गए आग और विद्युत सुरक्षा उपायों का आकलन भी इस बैठक में किया गया। पिछले महीने 27 मई मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जून में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों और मध्य भारत के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। मंत्रालय ने राज्यों को हीट स्ट्रोक रूम, ओआरएस कॉर्नर बनाने के साथ- साथ सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। देश में हीट स्ट्रोक से लोगों की मौत भी हो रही है।

भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट
स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्मी से संबंधित बीमारियों (एचआरआई) के लिए स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारी को मजबूत करने पर दिशा-निर्देश दिए हैं। कुछ दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने भी सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा था कि बढ़ते तापमान के साथ अस्पतालों में आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है और आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत प्रभाव से सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइंस
मंत्रालय ने गर्मी से जुड़ी बीमारियों को लेकर इमरजेंसी कूलिंग के लिए भी गाइडलाइंस जारी की है। मरीजों को अस्पतालों में कोई परेशानी न हो और उनको बेड मिलने में कोई दिक्कत नहीं हो, यह निर्देश भी जारी किया गया है। देश भर के सभी एम्स और मेडिकल कॉलेजों में गर्मी से हुई मौतों में शव परीक्षण निष्कर्षों पर भी गाइडलाइंस दी गई है। राज्यों में एंबुलेंस की कमी नहीं हो। हीट हेल्थ एक्शन प्लान के मुताबिक राज्यों को काम करना होगा ताकि लू लगने से बीमार व्यक्ति का प्राथमिकता के आधार पर इलाज हो और हर अस्पताल में इसके लिए पर्याप्त तैयारी हो। हर मेडिकल कॉलेज, अस्पताल में हीट स्ट्रोक रूम होना चाहिए।

बनाए गए हीट वेव कंट्रोल रूम
समीक्षा बैठक में राज्यों की ओर से बताया गया है कि उच्च अधिकारी स्थिति की कड़ी निगरानी कर रहे हैं। मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में आग से बचाव को लेकर मॉक- ड्रिल की है। ओडिशा में पूरे राज्य में हीट वेव कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए दस्तक (घर-घर जाकर) अभियान चलाया जा रहा है। हरियाणा ने सभी स्वास्थ्य देखभाल सुविधा केन्द्रों में आवश्यक दवाओं और लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय आवंटन किया है। राजस्थान में 104 और 108 से जुड़ी एंबुलेंस सेवाओं में कूलिंग उपकरण लगाए गए हैं। पश्चिम बंगाल में अग्निशमन विभाग से अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र सुनिश्चित किए जा रहे हैं और मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है।

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