9.1 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeराष्ट्रीयपब्लिक सर्वेंट के चुनाव लड़ने के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड वाली याचिका...

पब्लिक सर्वेंट के चुनाव लड़ने के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड वाली याचिका SC ने क्यों कर दी खारिज, जानिए

Published on

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा था कि पब्लिक सर्वेंट के चुनाव लड़ने के लिए एक कूलिंग ऑफ पीरियड होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि पब्लिक सर्वेंट जैसे ही अपनी नौकरी छोड़ता है उसके तुरंत बाद उसे चुनाव लड़ने से रोका जाए और पब्लिक सर्वेंट के लिए एक कूलिंग ऑफ पीरियड तय होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने की गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस लेने की इजाजत देते हुए अर्जी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने हालांकि याचिकाकर्ता को इस बात की इजाजत दे दी कि वह इस मामले में उपयुक्त अथॉरिटी को अप्रोच कर सकते हैं।

पूर्व सांसद ने दाखिल की थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सांसद जीवी हर्षकुमार की ओर से अनुच्छेद-32 के तहत याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि पब्लिक सर्वेंट के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड तय करे। इसके लिए चुनाव आयोग की 2012 की सिफारिश और सिविल सर्विस रिफॉर्म रिपोर्ट जुलाई 2004 कमिटी की सिफारिश को लागू करने की गुहार लगाई गई थी। इसके तहत गुहार लगाई गई थी कि पब्लिक सर्वेंट या सिविल सर्वेंट को रिटायरमेंट या इस्तीफे के तुरंत बाद चुनाव लड़ने या पार्टी का टिकट देने से रोका जाए और चुनाव लड़ने के लिए एक कूलिंग ऑफ पीरियड तय हो। याचिकाकर्ता ने यह भी गुहार लगाई थी कि जो पब्लिक सर्वेंट या सरकारी नौकर रहा हुआ है वह अगर चुना जाता है तो उसे सिर्फ एक ही पेंशन मिलनी चाहिए।

याचिकाकर्ता की दलीलें नहीं चलीं
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि इस बारे में दो दशक पहले सिफारिश की गई थी लेकिन उस पर अमल नहीं हो पाया है। इस कारण तमाम ब्यूरोक्रेट, जज और अन्य पब्लिक सर्वेंट अपने रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के बाद तुरंत चुनाव लड़ रहे हैं और उनके लिए कोई कूलिंग ऑफ पीरियड नहीं है। साथ ही याचिकाकर्ता ने कहा कि ऐसे पब्लिक सर्वेंट जिन्होंने अवैध तरीके से कुछ राजनीतिक पार्टियों फायदा पहुंचाते हों उन्हें टिकट ऑफर किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

Latest articles

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...

राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत तेज, किरणबीर कंग ने सीएम मान के बयान की निंदा की

संगरूर। पंजाब लोकराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणबीर सिंह कंग ने आम आदमी पार्टी...

More like this

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...