नई दिल्ली/लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर को सोमवार को एक साथ मिला दिया। इसके अलावा कोर्ट ने इन तीनेां को यूपी में लखनऊ के हजरतगंज थाने में ट्रांसफर कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने खेड़ा की अंतरिम जमानत को 10 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
खेड़ा की टिप्पणियों पर विवाद शुरू होने के बाद उनके खिलाफ वाराणसी के छावनी थाने और लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थीं, जबकि तीसरी एफआईआरअसम में दर्ज की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि तीनों प्राथमिकी को लखनऊ के हजरतगंज थाने में स्थानांतरित कर दिया जाए।
खेड़ा को मामले में नियमित जमानत लेने के लिए लखनऊ में सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश होना होगा। शीर्ष अदालत ने पहले भी खेड़ा की अंतरिम जमानत बढ़ा दी थी। कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा को 17 फरवरी को मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई उनकी कथित टिप्पणी के संबंध में असम पुलिस ने 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था।
