9.6 C
London
Wednesday, May 6, 2026
Homeराष्ट्रीयपॉल्यूशन पर वार का मेगाप्लान! दो दिन की आर्टिफिशियल बारिश के लिए...

पॉल्यूशन पर वार का मेगाप्लान! दो दिन की आर्टिफिशियल बारिश के लिए दिल्ली सरकार देगी करोड़ों रुपये

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली-एनसीआर इन दिनों प्रदूषण की मार झेल रहा है. लोग जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं. ऐसे में दिल्ली सरकार ने आर्टिफिशियल बारिश कराने के लिए कमर कस ली है. राजधानी में 20 और 21 नवंबर के आसपास कृत्रिम बारिश कराई जाएगी. लेकिन इससे पहले सरकार ने पायलट स्टडी कराने का फैसला किया है जिसमें करोड़ो रुपये खर्च होंगे.

दिल्ली की केजरीवाल सरकार कृत्रिम बारिश की दो चरणों में होने वाली पायलट स्टडी का 13 करोड़ रुपए का खर्च खुद उठाने को तैयार हो गई है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई से पहले अदालत में हलफनामे के जरिए प्रस्ताव दें.

मुख्य सचिव को यह भी कहा गया है कि वह अदालत से केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से जरूरी मंजूरी 15 नवंबर तक देने के लिए भी कहें ताकि 20 और 21 नवंबर को कृत्रिम बारिश के पहले चरण की पायलट स्टडी हो सके.

दिल्ली सरकार आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर महत्वाकांक्षी कृत्रिम बारिश प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. 20-21 नवंबर के आसपास दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है. इस सबंध में दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना प्लान रखेगी और इसमें केंद्र सरकार से सहयोग दिलाने का अनुरोध करेगी. अगर सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिल जाता है तो आईआईटी कानपुर 20-21 नवंबर के आसपास दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराने का पहला पायलट प्रोजेक्ट कर सकता है.

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक आईआईटी कानपुर का कहना है कि इसके लिए कम से कम 40 फीसद बादल चाहिए. इससे कम बादल पर बारिश नहीं करा सकते हैं. अगर असामान में 40 फीसद बादल हैं, तो वो बारिश करा सकते हैं. आईआईटी कानपुर का अनुमान है कि दिल्ली में 20-21 नवंबर के आसपास बादल होने की संभावना है.कृत्रिम बारिश कराने को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय, राजस्व मंत्री आतिशी और अन्य अधिकारियों ने बुधवार को आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के साथ अहम बैठक की थी.

20-21 नवंबर को ही क्यों होगा प्रयास?
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के साथ एक बैठक भी की है. जिन्होंने उन्हें बताया कि क्लाउड सीडिंग का प्रयास केवल तभी किया जा सकता है जब वातावरण में बादल या नमी हो.गोपाल राय ने कहा, विशेषज्ञों का अनुमान है कि ऐसी स्थितियां 20-21 नवंबर के आसपास विकसित हो सकती हैं. हमने वैज्ञानिकों से इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा.

क्या है क्लाउड सीडिंग?
कृत्रिम वर्षा कराने के लिए क्लाउड सीडिंग एक प्रकार से मौसम में बदलाव का वैज्ञानिक तरीका है. इसके तहत आर्टिफिशियल तरीके से बारिश करवाई जाती है. इसके लिए विमानों को बादलों के बीच से गुजारा जाता है और उनसे सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और क्लोराइड छोड़े जाते हैं. इससे बादलों में पानी की बूंदें जम जाती हैं. यही पानी की बूंदें फिर बारिश बनकर जमीन पर गिरती हैं. हालांकि, यह तभी संभव होता है, जब वायुमंडल में पहले से पर्याप्त मात्रा में बादल मौजूद हों और हवा में नमी हो.

Latest articles

संजू सैमसन ने डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ा, अब AB de Villiers की बारी, जड़े इस साल 21 छक्के

नई दिल्ली। संजू सैमसन इस समय ज़बरदस्त फॉर्म में हैं। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली...

भोपाल-इंदौर मेट्रो में अब ₹7000 में कर सकेंगे प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थ-डे सेलिब्रेशन

भोपाल। भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थडे...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

ममता बोलीं- मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, चुनाव आयोग असली विलेन, भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस...

More like this

ममता बोलीं- मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, चुनाव आयोग असली विलेन, भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...