10.6 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeराष्ट्रीयNCERT ने किताबों से गांधी हत्या, संघ, हिंदू अत‍िवाद से जुड़े तथ्य...

NCERT ने किताबों से गांधी हत्या, संघ, हिंदू अत‍िवाद से जुड़े तथ्य भी हटाए!

Published on

नई दिल्ली ,

NCERT की किताबों से मुगल दरबार हटाने को लेकर चर्चाएं अभी थमीं नहीं थी कि अब गांधी को लेकर हुए बदलाव पर बात छ‍िड़ गई है. इस बार एनसीईआरटी पर आरोप लगा है कि पाठ्यक्रम के युक्तिकरण के नाम पर आधिकारिक तौर पर जारी पुस्तिका में उनका उल्लेख किए बिना और कई तथ्य डिलीट कर दिए हैं.

जिन नवीनतम परिवर्तनों की बात हो रही है, उनमें एनसीईआरटी की ओर से गांधी की हत्या और भारत की स्वतंत्रता के बाद गांधी ने जो किया उसके संदर्भों को राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से हटा दिया गया है. राजनीति विज्ञान की पुरानी पाठ्य पुस्तक से वो पक्त‍ियां हटाई गईं जिसमें उल्लेख है कि गांधी उन लोगों द्वारा विशेष रूप से नापसंद किए जाते थे जो चाहते थे कि हिंदू बदला लें. दूसरे वो लोग जो चाहते थे कि भारत एक हिंदुओं का देश बन जाए जैसे कि पाकिस्तान मुसलमानों के लिए बना था. गांधी पर मुसलमानों और पाकिस्तान के पक्ष में काम करने का आरोप लगा. गांधी के मुस्ल‍िम तुष्ट‍िकरण के आरोप का संदर्भ समेत ये सभी लाइनें अब हटा दी गई हैं.

हटाई गई पंक्तियों में 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से नीचे की पंक्तियों को भी हटा दिया गया है. इन पंक्त‍ियों में था कि “हिंदू मुस्लिम एकता के उनके दृढ़ प्रयास ने हिंदू चरमपंथियों को इतना उकसाया कि उन्होंने गांधी जी की हत्या के कई प्रयास किए. इसके बावजूद उन्होंने यह स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि मैं असुरक्षित हूं. उन्होंने अपनी प्रार्थना सभाओं के दौरान सभी के साथ मिलना जारी रखा. गांधी की मृत्यु का देश की सांप्रदायिक स्थिति पर लगभग जादुई प्रभाव पड़ा. विभाजन से जुड़ा गुस्सा और हिंसा अचानक शांत हो गई. साम्प्रदायिक गर्मी फैलाने वाले संगठनों पर भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई राष्ट्रीय समाज सेवा संघ जैसे संगठनों पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था. अचानक से साम्प्रदायिक राजनीति अपना आकर्षण खोने लगी.

गांधी की हत्या और गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के पुणे के एक ब्राह्मण के रूप में संदर्भ और एक चरमपंथी हिंदू अखबार के संपादक, जिन्होंने गांधी को मुसलमानों के तुष्टिकरण के रूप में निंदा की थी. इनको भी कक्षा 12 वीं की इतिहास की पाठ्यपुस्तक से हटा दिया गया है. लेकिन ये सभी हटाए गए भाग आधिकारिक तौर पर पाठ्यक्रम के युक्तिकरण पर जारी पुस्तिका का हिस्सा नहीं हैं, जो एनसीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है. वहां पर राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम को हटाने की शुरुआत पृष्ठ संख्या 41 से होती है.. जबकि उपरोक्त पंक्तियां जो गांधी हत्या के संबंध में हटा दी गई हैं, यहां नीचे पृष्ठ 12 पर एक बॉक्स में उल्लेख किया है.

हटाया गया टॉपिक
आधिकारिक तौर पर एनसीईआरटी ने 12वीं राजनीतिक विज्ञान की किताब से NCERT ने गुजरात दंगों के साथ ही अन्य विषयों को भी हटाया है. इसमें नक्सली आंदोलन का इतिहास और आपातकाल के दौरान विवाद आदि विषय शामिल हैं. किताब में “नक्सली आंदोलन” के इतिहास पेज संख्या 105 और “आपातकाल के दौरान विवाद” पेज संख्या 113-117 में शामिल था. NCERT ने पहले कोरोना महामारी को देखते हुए छात्रों पर पड़ने वाले अत‍िर‍िक्त भार को देखते हुए अप्रासंगिक विषयों को हटाया गया था.

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सादगी और सेवा के साथ 62वां जन्मदिन मनाया

जशपुर/बगिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपना 62वां जन्मदिन अपने गृह...

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान: हर जिले में खुलेंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के...

सीएम मान का कैंसर अस्पताल में औचक निरीक्षण, बोले- रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं से लैस होगा संस्थान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कैंसर के इलाज को विश्व-स्तरीय...

सीएम मान ने तलवंडी साबो में किया नई एसडीएम बिल्डिंग का उद्घाटन, अकाली दल पर साधा निशाना

तलवंडी साबो। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में...

More like this

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...