नई दिल्ली :
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। खालिस्तान टेररिस्ट फोर्स (KTF) के कनाडा में बैठे वांटेड आतंकवादी अर्शदीप सिंह डाला उर्फ अर्श डाला के फरार एक करीबी मेंबर को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। एनआईए ने बताया कि गिरफ्तार वांटेड का नाम बलजीत सिंह उर्फ बलजीत मौर है। यह पंजाब के बठिंडा जिले का रहने वाला है।
NIA की गिरफ्त में बलजीत सिंह
एनआईए ने बताया कि इसकी गिरफ्तारी के रूप में भारत में खालिस्तानी आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में अहम योगदान मिलेगा। आरोपी बलजीत यूएई से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था। यह पहले से ही वांटेड लिस्ट में था और इसके खिलाफ इस साल फरवरी में एलओसी भी जारी की गई थी। यहां उतरने के बाद एनआईए ने इसे पकड़ लिया। इसके खिलाफ जून 2024 से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
जानिए किस मामले में था वांटेड
एनआईए का दावा है कि आरोपी बलजीत भारत में अर्शदीप डाला के अहम मेंबर के रूप में काम करता था। वो भारत में अर्श डाला के अन्य सहयोगियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मुहैया कराता था। यह यहां उन टारगेट की पहचान करके भी केटीएफ को बताता था। जिनसे वसूली की जा सके। यह भारत में नए कैडरों की भर्ती और आतंकवादी के लिए धन मुहैया कराने में भी शामिल था।
वांटेड आतंकवादी अर्शदीप सिंह डाला गैंग का मेंबर
जांच में यह भी पता लगा था कि इसी साल फरवरी में दर्ज एक एफआईआर में बलजीत पंजाब में आतंक फैलाने के लिए केटीएफ की साजिश में एक प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में भी एक्टिव था। इसके खिलाफ 13 फरवरी को एनआईए ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया था। यह भारत में टारगेट किलिंग और भारत में हथियारों और गोला-बारूद की खेप पहुंचाने में भी शामिल था। मामले में इसकी गिरफ्तारी के बाद केटीएफ की अन्य गतिविधियों के बारे में भी अहम जानकारी मिलेगी।
