नई दिल्ली
भारतीय नौसेना ने एक एंटी-शिप मिसाइल का सफल टेस्ट किया है। खास बात है कि यह देश की पहली स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल है। मंगलवार को प्रशिक्षण के दौरान यह मिसाइल सीकिंग-42बी हेलो हेलिकॉप्टर से फायर की गई। रक्षा सूत्रों के अनुसार फायर की गई मिसाइल ने अपने टारगेट को बिल्कुल सटीक हिट किया। डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने मिलकर इस नेवल एंटी शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा विशेषज्ञ इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षण के दौरान मिसाइल में ‘स्वदेशी सीकर और गाइडेंट टेक्नोलॉजी’ की जांच की गई जो 100 फीसदी सफल रही है। यह एक लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल है।
पिछले साल भारत ने इसी श्रेणी की शॉर्ट रेंज की मिसाइल की टेस्टिंग की थी। शॉर्ट रेंज की मिसाइल 380 किलोग्राम और रेंज 55 किलोमीटर की मारक क्षमता से लैस है। स्वदेशी तकनीक से बनाई गई यह भारतीय लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल सी-स्किमिंग ट्रैजेक्ट्री पर चलते हुए सीधे टारगेट से जाकर टकराई।
#IndianNavy in association with @DRDO_India successfully undertook Guided Flight Trials of #1st indigenously developed Naval #AntiShipMissile frm Seaking 42B helo on #21Nov 23.
A significant step towards achieving self-reliance in niche missile tech, incl seeker & guidance tech. pic.twitter.com/nbKI7ZuzDq— SpokespersonNavy (@indiannavy) November 21, 2023
‘सी-स्किमिंग’ उस स्थिति को कहते हैं जब मिसाइल समुद्र की सतह से कुछ मीटर ऊपर तेजी से उड़ते हुए जाती है। अपनी इस तकनीक के कारण मिसाइल राडार में पकड़ में भी नहीं आती। फिलहाल यह तकनीक भारत के पास पहले से उपलब्ध है। भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में यही तकनीक इस्तेमाल की जाती है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्ट की गई यह आधुनिक मिसाइल नौसैनिक हेलिकॉप्टर्स पर लगाई जाएगी। इस मिसाइल में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट नेविगेशन सिस्टम भी है। इसी महीने सेना ने पहले स्वदेशी हमलावर हेलिकॉप्टर ‘रुद्र’ से नई पीढ़ी के रॉकेट भी दागे हैं। इसके अलावा सेना के ‘रुद्र’ स्वदेशी हेलीकॉप्टर से गोला बारूद दागने का भी सफल परीक्षण किया गया।
