नई दिल्ली
आज सुप्रीम कोर्ट में लखनऊ के एक वकील अशोक पांडे को दो अलग- अलग बेंचों से जमकर फटकार लगी। दरअसल अशोक पांडे ने दो अलग- अलग बेंचों के सामने उन पर लगाए गए जुर्माने को हटाने की गुहार लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए पहले जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जी मसीह की पीठ ने फिर जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की एक अन्य पीठ ने वकील को फटकार लगाते हुए अवमानना का नोटिस जारी करने की चेतावनी दे दी। आइए जानते हैं क्या पूरा मामला
पहला मामला जमानत राशि न जमा करने का था
दरअसल लखनऊ के वकील अशोक पांडे आज पहले मामले में जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जी मसीह की पीठ के सामने पेश हुए। जहां पर पीठ ने उन्हें 50,000 रुपये की जमानत राशि जमा न करने के लिए फटकार लगाई। बता दें कि ये जुर्माना पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की गई उस याचिका के लिए लगाया गया था, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को हाईकोर्ट जज बनाने को चुनौती दी थी। आज पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत द्वारा जुर्माना लगाए जाने के बाद आप विदेश घूमने चले गए। अब आप यह नहीं कह सकते कि आपके पास 50,000 रुपये जमा करने के लिए नहीं हैं। जिस पर वकील अशोक पांडे ने कहा कि पिछले साल से उन्हें एक भी केस नहीं मिला है। उनकी ये विदेश यात्रा उनके बच्चों द्वारा स्पॉन्सर की गई थी। मेरे बच्चे अमीर हैं मैं नहीं।
जिसके बाद पीठ ने कहा कि आप एक हफ्ते में जुर्माना राशि जमा करें वरना हम अवमानना नोटिस जारी कर देंगे। क्या आप 2 हफ्तों में भुगतान करने के लिए तैयार हैं या नहीं? आप बार के सदस्य हैं, हम आपसे स्पष्ट जवाब देने का अनुरोध करते हैं। उसके बाद कोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त तक का वक्त देते हुए कहा कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो कोर्ट अवमानना का नोटिस जारी करेगी।
दूसरा मामला भी जमानत राशि नहीं देने का निकला
उसके बाद दूसरे केस में भी वकील अशोक पांडे को जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की एक अन्य पीठ ने जमकर फटकार लगाई। दरअसल अशोक पांडे ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता की बहाली को चुनौती दी थी। अशोक पांडे की याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। जिसका उन्होंने अभी तक भुगतान नहीं किया है।
अब तक 200 PIL दाखिल कर चुके हैं अशोक पांडे
आज जस्टिस बीआर गवई ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए जुर्माना वापस लेने से इनकार कर दिया और वकील अशोक पांडे भड़क गए। उन्होंने वकील अशोक पांडे को सख्त लहजे में चेतावनी दी की अगर आपने इसके बाद एक शब्द भी बोला तो आपके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज करेंगे। उसके बाद जस्टिस ने कहा वकील से पूछा कि आपने अब तक कितनी PIL दाखिल किए हैं और कोर्ट ने कितनी बार जुर्माना लगाया है? कोर्ट के सवाल का जवाब देते हुए वकील अशोक पांडे ने कहा कि मैंने 200 PIL दाखिल किए हैं। 200 सुनते ही फिर से जस्टिस गवई नाराज हो गए जिसके बाद वकील अशोक पांडे ने कहा कि मैं संविधान पीठ के फैसले पर भरोसा करता हूं कृपया आप जुर्माना वापस ले लीजिए।
इस पर जस्टिस गवई ने कहा कि अब आप जाइए, अगर आप पोडियम नहीं छोड़ेंगे तो हमें शर्मिंदा होना पड़ेगा। आप अवमानना का नोटिस स्वीकार कर रहे हैं या कोर्टरूम छोड़कर जा रहे हैं। हालांकि उसके बाद वकील अशोक पांडे कोर्ट रूम छोडने को राजी नहीं थे। जिसके बाद जस्टिस गवई ने भड़कते हुए कहा कि अब आप जाते हैं या मैं कोर्ट मार्शल को बुलाऊं? जस्टिस गवई के इतना कहने के बाद वकील पांडे ने कहा कि वो कोर्ट से बाहर जा रहे हैं लेकिन जुर्माना वापस ले लें।
