5.9 C
London
Friday, March 20, 2026
Homeराष्ट्रीयवहां न घर है, न जीने का जरिया… पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को...

वहां न घर है, न जीने का जरिया… पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को सता रहा भारत से निकाले जाने का डर

Published on

नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहलाने वाले आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में और दरार बढ़ा दी। 26 लोगों की जान लेने वाले इस हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीजा 27 अप्रैल से रद्द करने का ऐलान कर दिया। लेकिन इस तूफान के बीच दिल्ली के मजनू का टीला में रहने वाले पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी अपने भविष्य को लेकर डरे-सहमे हैं। सरकार ने भले ही साफ कर दिया कि उनके दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) वैध रहेंगे, मगर इन परिवारों के दिलों में अनिश्चितता की धुंध छाई हुई है।

डर और भरोसे का खेल
पहलगाम हमले के बाद भारत ने सुरक्षा के पेंच कसते हुए दिल्ली पुलिस को सत्यापन अभियान चलाने का आदेश दिया। मजनू का टीला के तंग गलियारों में रहने वाले ये शरणार्थी अब अपने कागजातों की जांच के लिए लाइन में हैं। दिल्ली पुलिस ने वादा किया है कि कोई बेकसूर परेशान नहीं होगा, लेकिन सवाल ये है कि क्या वाकई सब कुछ इतना आसान होगा? एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हम सिर्फ ये चेक कर रहे हैं कि कोई अवैध रूप से तो नहीं रह रहा।’ मगर इन शरणार्थियों के लिए ये ‘सिर्फ’ चेकिंग जिंदगी और सपनों का सवाल बन गई है।

सपनों का ठिकाना, अनिश्चितता का साया
मजनू का टीला की तंग बस्तियों में, सिग्नेचर ब्रिज के नीचे, और छोटे-छोटे कैंपों में रहने वाले ये परिवार पाकिस्तान से नई जिंदगी की तलाश में आए थे। कुछ को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता मिल चुकी है, लेकिन कई अभी भी कागजी कार्रवाई के भंवर में फंसे हैं। सोना दास, जो इस समुदाय के अध्यक्ष हैं, बताते हैं, ‘हमारे कई परिवार सालों से यहां हैं। हम नियमित रूप से वीजा रिन्यू कराते हैं, लेकिन अब ये खबरें हमें डरा रही हैं।’ उन्होंने बताया कि इसके अलावा, इनमें से कई परिवार एक या दो महीने पहले ही पाकिस्तान से आए हैं, कुछ मजनू का टीला के पास शिविरों में रह रहे हैं, जबकि अन्य ने सिग्नेचर ब्रिज के नीचे शरण ली है।

‘हर दो साल में वीजा करना पड़ता है रिन्यू’
एक अन्य समुदाय के नेता दयाल दास कहते हैं, ‘हमें दो साल का वीजा मिला था, जिसे रिन्यू करना पड़ता है। लेकिन क्या इसे दीर्घकालिक वीजा कहते हैं, ये हमें ठीक से नहीं पता। हाल ही में पुलिस ने इनसे दस्तावेज जमा करने को कहा, ताकि कोई जाली कागजात या अवैध प्रवासी न बचे। दास बताते हैं, ‘लोग घबरा रहे हैं। पिछले दो महीनों में ही 10-12 नए परिवार पाकिस्तान से आए हैं।’

आंसुओं और हिम्मत की कहानियां
एक अन्य हिंदू शरणार्थी कृष्ण लाल की आंखों में चिंता साफ झलकती है। उनका परिवार नागरिकता का इंतजार कर रहा है। अगर वीजा रद्द हुआ, तो हम कहां जाएंगे? वो पूछते हैं।मजनूं का टीला में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाने वाले कन्हैया कहते हैं, ‘पाकिस्तान में हमारा कुछ नहीं बचा। अगर हमें दिल्ली छोड़ना पड़ा, तो हमारे पास न घर होगा, न जीने का रास्ता।’

दो बच्चों की मां रेशमा अपने बच्चों के लिए बेहतर भविष्य का सपना देखती हैं। उनके बच्चे हाल ही में स्थानीय स्कूल में पढ़ने शुरू हुए हैं। वो कहती हैं, ‘जब कुछ लोगों को नागरिकता मिली, तो हमें उम्मीद जगी। लेकिन अब ये सत्यापन हमें फिर से डरा रहा है।’

सरकार का भरोसा, फिर भी बेचैनी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि हिंदू पाकिस्तानी शरणार्थियों के दीर्घकालिक वीजा हर दो साल में रिन्यू किए जाएंगे और ये वैध रहेंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने भी सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक तय समयसीमा से ज्यादा न रुके। इसके साथ ही, दक्षेस वीजा छूट योजना को भी निलंबित कर दिया गया, और इसके तहत मौजूद लोगों को 48 घंटे में देश छोड़ने को कहा गया। लेकिन मजनू का टीला के इन परिवारों के लिए ये भरोसा काफी नहीं। उनके मन में सवाल है- क्या उनका वीजा सचमुच सुरक्षित है? क्या उनकी नागरिकता का सपना पूरा होगा? या फिर एक बार फिर उन्हें अनिश्चितता के साये में जीना होगा?

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...

भक्ति और उत्साह के साथ नव संवत्सर 2083 का आगाज: भेल में स्थापित हुई प्रदेश की सबसे ऊंची 31 फीट की गुड़ी

भोपाल राजधानी में गुरुवार को भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 और चैत्र नवरात्रि का पर्व...

गैस संकट से भोपाल के उद्योग बेहाल: उत्पादन 40% तक घटा, सैकड़ों यूनिट बंद होने की कगार पर

भोपाल मप्र के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में लिक्विफाइड नेचुरल गैस और कमर्शियल एलपीजी की भारी...

जल पाइपलाइन कार्य में देरी पर बवाल, पार्षद प्रतिनिधि ने सुपरवाइजर के चेहरे पर पोती कालिख

भोपाल भोपाल के बैरसिया में अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर कार्यमुक्त, अब एनएमडीसी में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

नई दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) में एक...

भेल की बोर्ड बैठक में बड़ा फैसला: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव के लिए टिटागढ़ रेल के साथ बनेगा नया जॉइंट वेंचर

नई दिल्ली | देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी, भारत हैवी...