नई दिल्ली:
दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री सीएम को शराब नीति घोटाले में गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि पद से हटना या नहीं हटना केजरीवाल का ‘निजी फैसला’ है। हाई कोर्ट ने कहा कि कई बार राष्ट्रीय हित को निजी हित के ऊपर तरजीह देनी होती है। हाई कोर्ट के इस फैसले से याचिका कर्ता विष्णु गुप्ता को झटका लगा है। ऐसे में सवाल उठता है कि सीएम केजरीवाल के खिलाफ याचिका दायर करने वाला यह शख्स आखिर कौन है।
विष्णु गुप्ता कौन है?
विष्णु गुप्ता हिंदू सेना नाम के संगठन का प्रमुख है। इस संगठन की स्थापना साल 2011 में की गई थी। विष्णु मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में हिंदू पक्ष की तरफ से पक्षकार भी है। इस साल फरवरी में विष्णु गुप्ता को एक धमकी भरा लेटर और तीन गोलियां भेजी गई थीं। गुप्ता ने इस मामले में मधु विहार थाने में केस भी दर्ज कराया था। धमकी भरे पत्र में विष्णु गुप्ता को कृष्ण जन्मभूमि का केस वापस लेने की धमकी दी गई थी।
विष्णु गुप्ता की हो चुकी है गिरफ्तारी
विष्णु गुप्ता पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चित रहा है। साल 2015 में दिल्ली पुलिस ने केरल हाउस कैंटीन में गोमांस परोसे जाने की कथित झूठी शिकायत करने के आरोप में हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता को बुधवार को हिरासत में लिया था। इसके अलावा साल 2021 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन के ऑफिस पर तोड़फोड़ करने को लेकर गिरफ्तार किया जा चुका है। साल 2022 में हिंदू सेना अध्यक्ष की तरफ से पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। इसके अलावा दिल्ली में बाबर रोड के बोर्ड पर कालिख पोतने में भी हिंदू सेना का नाम आया था। हिंदू सेना की तरफ से बाबर रोड का पर अयोध्या रोड का पोस्टर लगाया गया था।
हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
साल 2023 में हिंदू सेना की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आदिपुरुष फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने हालांकि, उस समय याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। वहीं, इसी साल हिंदू सेना के अध्यक्ष ने सनातन धर्म और श्री राम मंदिर और काशी मथुरा पर नफरत भरे भाषण देने वालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
