6.6 C
London
Wednesday, April 22, 2026
Homeराष्ट्रीयक्‍यों डरा रही है बढ़ती गर्मी? खेत-खलियानों से लेकर आपकी रसोई तक...

क्‍यों डरा रही है बढ़ती गर्मी? खेत-खलियानों से लेकर आपकी रसोई तक दिखने वाला है असर

Published on

नई दिल्‍ली

पिछले दो सालों से लगातार मौसम का कहर किसानों पर टूटा है। झुलसा देने वाली गर्मी, सूखा और वक्‍त से बारिश होने की आस में खेतों में बीज डाले बैठे किसानों को निराशा ही हाथ लगी है। मॉनसून की जगह बेमौसम बरसात की मार झेल रहे किसानों पर लगातार तीसरे साल फिर से मुसीबत टूटने वाली है। अन्नदाता के लिए इस साल भी मौसम का क़हर टूटता दिख रहा है। 1901 के बाद अगस्त 2021 छठा सबसे सूखा महीना था। पहले सूखा और उसके बाद 2022 की शुरुआत में भारी बारिश और शीतलहर ने खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाकर रही सही कसर भी पूरी कर दी। 2022 में मॉनसून का इंतजार शुरू हुआ और 2021 की विकट स्थिति फिर दोहराई। अप्रैल-मई 2022 में कटाई के समय भीषण गर्मी की वजह से बड़े पैमाने पर फसल खासकर गेहूं का नुकसान हुआ। 2022 का मॉनसून भी 2021 की तरह रहा। कहीं भारी तो कहीं बेहद कम बारिश हुई और फिर फसलों को भारी नुकसान हुआ। एक बार फिर साल 2023 की रबी फसल पर उम्मीदें टिकी हैं।

मौसम का बदलता मिजाज पिछले कुछ सालों से खेती के लिए एक खतरा बनकर गहरा रहा है। जो किसानों के लिए एक मुसीबत बन चुका है। अगर तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोतरी होती है तो गेहूं के उत्पादन में करीब 3 से 4 फीसदी की कमी आएगी। वहीं, अगर तापमान 4 से 5 डिग्री बढ़ता है तो 15 से 20 फीसदी तक उत्पादन में कमी आ सकती है। बढ़ते तापमान और बदलते वर्षा चक्र के कारण उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की फसलें तबाह हो रही हैं।

आने वाले द‍िनों में बढ़ेगी तप‍िश
आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा होने से रबी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। विभाग ने किसानों को गर्मी के असर से फसल बचाने के लिए सिंचाई करने की सलाह दी है।

जिन राज्यों में संभावित हीटवेव देखी जा सकती है, वे ज्यादातर उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में हैं, जो भारत का मुख्य खाद्य कटोरा मैदान है। इसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेंट चेंज की रिपोर्ट में गेहूं और मक्के की खेती पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों सहित भारत के अन्य क्षेत्रों में भी जलवायु परिवर्तन से पड़ने वाले प्रभावों की बात भी कही गई है।

कैसे बढ़ सकती है दुश्‍वा‍र‍ियां
एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि अगर जलवायु परिवर्तन की दर इसी गति से बढ़ती रही, तो भविष्य में कई फल मिलने में दुश्‍वारियां पैदा हो जाएंगी। खौस तौर जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाले वर्षो में केले का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले देश भारत पर भी नकारात्‍मक असर देखने को मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में फरवरी 100 फीसदी सूखी रही है। इस कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले 3 महीनों के दौरान दिन में झुलसा देने वाली गर्मी रहेगी तो रात का तापमान भी औसत से ज्‍यादा रहने की आशंका है।वहीं, केंद्र सरकार ने गेहूं की फसल को हीटवेव से होने वाले खतरों से निपटने के लिए एक पैनल बनाने का फैसला किया है। अपनी एडवाइजरी में उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि वे नियमित रूप से जांच करें कि क्या फसलें सूखे और गर्मी के तनाव में हैं। ऐसे में हल्की सिंचाई की जा सकती है।

लगातार क‍िसानों को होता रहा है नुकसान
इसके चलते लगातार तीन फसली मौसमों के दौरान ऐसा कोई भी मौका नहीं आया, जब किसी भी किसान ने लागत भी वसूल कर ली हो, बल्कि बदले में उसे घाटा ही हुआ। अब तीन साल का ला नीना खत्म हो रहा है और खतरनाक अल नीनो जुलाई तक 2023 में प्रवेश करेगा। ऐसे में अब खरीफ से भी उम्मीद नहीं की जा सकती है।देश की खाद्यान्न भंडार की स्थिति पर भी असर पड़ने वाला है। इससे खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ रही है। साथ ही गरीबों की खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित होने वाली है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मुफ्त अनाज गरीबों को देने के बावजूद खाद्यान्न की कीमत बढ़ेगी।

(लेखिका डॉ. सीमा जावेद पर्यावरणविद और जलवायु परिवर्तन की एक्सपर्ट हैं।)

Latest articles

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की तर्ज पर भारत के पहले एआई फेस्ट की मेजबानी

चंडीगढ़ l इंडिया एआई मिशन को मजबूती देने के लिए सीयू एआई मिशन लॉन्च...

अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती बरतें, कोताही बर्दाश्त नहीं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने...

राजस्थान: पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार का ‘सुपर एक्शन’, दो दिन में ठीक हुए 1500 से ज्यादा हैंडपंप

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था...

More like this

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...