नई दिल्ली,
मणिपुर में कुकी समुदाय की महिलाओं से दरिंदगी की घटना से पूरा देश स्तब्ध है. कुकी समुदाय की महिलाओं को निर्वस्त्र कर उनके उत्पीड़न से सड़क तक संसद तक हंगामा मचा हुआ है. ऐसे में मणिपुर हिंसा मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप झेल रही राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सफाई दी है. रेखा शर्मा का कहना है कि मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा की घटनाओं को लेकर उन्होंने बीते तीन महीने में तीन बार प्रशासन से संपर्क किया था लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
दरअसल कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में 12 जून को शिकायत मिली थी लेकिन आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. चार मई का वीडियो 19 जुलाई को ऑनलाइन वायरल हुआ. इस घटना से देशभर में लोगों का गुस्सा भड़का हुआ है.
आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया था
इन रिपोर्ट्स पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि आयोग को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली थी और वीडियो वायरल होने के बाद आयोग ने मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की है और इस मामले पर प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा.हालांकि, राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि महिलाओं के मुद्दों को लेकर उन्हें अन्य शिकायतें भी मिली थी, जिसके बाद उसने मणिपुर प्रशासन से तीन बार संपर्क किया लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. शर्मा ने उन पत्रों को भी शेयर किया, जो राज्य सरकार को भेजे गए थे.
उन्होंने कहा कि हमने इनकी प्रामाणिकता का सत्यापन करना पड़ेगा. ये शिकायतें सिर्फ मणिपुर से नहीं थी, इनमें से कुछ भारत की भी नहीं थी. हमने प्रशासन से संपर्क किया लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इसके बाद हमने बुधवार को वीडियो वायरल होने के बाद मामले पर स्वत: संज्ञान लिया. ये पत्र 18 मई, 29 मई और 19 जून को लिखे गए थे. चार मई का वीडियो वायरल होने के बाद मणिपुर में तनाव बढ़ गया था. इस वीडियो में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमयाा गया था.
शिकायत में कई मामलों का था जिक्र
12 जून को महिला आयोग के पास भेजी गई इस शिकायत में कुकी समुदाय की महिलाओं के साथ 4 मई से 15 मई तक हुईं रेप, यौन उत्पीड़न, हत्या के कई मामलों का जिक्र था.
– 4 मई को, मणिपुर के कांगपोकपी जिले के एक गांव की दो महिलाओं को निर्वस्त्र किया गया. उन्हें नग्न घुमाया गया, पीटा गया और फिर दंगाई मैतेई भीड़ ने रेप किया.
– 5 मई को कांगपोकपी जिले के एक गांव की रहने वाली साल की दो युवतियों के साथ इंफाल के कोनुंग ममांग इलाके में रेप किया गया. इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. मैतई समुदाय के लोगों ने महिलाओं को घसीट कर एक कमरे में बंद किया. जहां कई घंटों तक उनका रेप किया गया. जब शाम को 7 बजे कमरा खोला गया, तो खून से लथपथ शव मिले.
– 15 मई को इम्फाल से एक 18 साल की लड़की का अपहरण किया गया. मैतेई पुरुषों और महिलाओं की भीड़ उसे वांगखेई की एक सघन बस्ती में ले गई. विरोध करने पर उन लोगों ने उसे टुकड़े-टुकड़े कर देने की धमकी दी और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया. नागालैंड के कोहिमा के एक अस्पताल में हुई मेडिकल जांच रिपोर्ट में मारपीट और रेप की पुष्टि हुई.
4 मई को क्या हुआ था?
दरअसल, 4 मई को कुकी समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र सड़क पर घुमाया गया था. भीड़ ने न सिर्फ महिलाओं को सड़क पर घुमाया था, बल्कि उनके साथ अभद्रता और यौन उत्पीड़न भी किया था. इस घटना का वीडियो बुधवार को वायरल हुआ. इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी हुइरेम हेरादास समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. बाकी लोगों की वीडियो से पहचान कर तलाश की जा रही है.
पुलिस पर लग रहे लापरवाही के आरोप
मणिपुर की इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. दरअसल, ये मामला 4 मई का है. इसकी शिकायत 18 मई को दी गई थी. लेकिन पुलिस ने 49 दिन बाद 21 जून को FIR दर्ज की. इतना ही नहीं FIR दर्ज होने के ढाई महीने बाद जब देशभर में बवाल हुआ, तब पहली गिरफ्तारी हुई.
