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…जब बोले अटल, ‘कांग्रेस के साथ-साथ मच्छरों के खिलाफ भी लड़ना होगा’

बलरामपुर

बात 1957 के लोकसभा चुनाव की है, अटल बिहारी वाजपेयी बलरामपुर लोकसभा से जनसंघ के प्रत्याशी थे और देर रात चुनाव प्रचार करने के बाद बलरामपुर में अपने मित्र राम दुलारे मिश्र के यहां रात्रि विश्राम करते थे। एक दिन रात में दो बजे अटल जी चारपाई पर बैठे थे। बगल में सो रहे साथी बैजनाथ सिंह ने पूछा कि क्या आपको नींद नहीं आ रही है। अटल ने कहा, ‘सोना तो चाहता हूं लेकिन मच्छर और कांग्रेस दोनों नींद में खलल डाल रहे हैं। अब कांग्रेस के साथ-साथ मच्छरों के खिलाफ भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।’

अटल को पसंद थे मुंशियाइन के पेड़े
बलरामपुर में पेड़े बनाने के लिए मशहूर मुंशियाइन उर्फ रामप्यारी भी अटल की यादों में हमेशा बनी रही। मुंशियाइन के पेड़े उन्हें बहुत पसंद थे। बलरामपुर छोड़ने के बाद भी यदि यहां से कोई उनसे मिलने जाता था तो वह मुंशियाइन को जरूर पूछते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद कुछ मित्र उनसे मिलने दिल्ली पहुंचे तो वह लोग अपने साथ मुंशियाइन के पेड़े भी ले गए थे। पेड़े का नाम सुनते ही बोल पड़े क्या यह मुंशियाइन के पेड़े हैं?

‘जो खिसकना था वह पेट में खिसक गया’
वर्ष 1967 में चुनाव प्रचार के दौरान वह महदेइया बाजार निवासी हैदरअली खां के घर पहुंच गए। उनके साथ जनसंघ से उतरौला विधानसभा प्रत्याशी सूरजलाल गुप्ता भी थे। खां साहब ने अटल के लिए नाश्ते का प्रबंध कराया तो हिन्दू साथी यह सोचकर वहां से खिसक गए कि यदि यहां खाया तो ब्राह्मणों का वोट नहीं मिलेगा। साथी एक पंडितजी के घर से चाय ले आए तो देखा कि अटल धीरे-धीरे मेवा खा रहे थे। साथियों ने अटल को अलग ले जाकर कहा कि यदि यह बात बाहर फैली तो हिन्दू वोट जनसंघ से खिसक जाएगा। यह सुनकर अटल ने कहा, ‘जो खिसकना था वह पेट में खिसक गया, अब वोट खिसके या फिर रहे। हैदर अली के घर नाश्ता करने से मैं मुसलमान थोड़े ही हो जाऊंगा।’

बलराज साहनी और जवाहर लाल नेहरू ने किया था अटल का विरोध
बलरामपुर से अपनी राजनीतिक पारी के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी को कांग्रेस प्रत्याशी सुभद्रा जोशी के खिलाफ सिने जगत की मशहूर हस्ती बलराज साहनी और पंडित जवाहर लाल नेहरू का भी विरोध झेलना पड़ा था। 1962 में इन्हीं विरोधों के चलते अटल, सुभद्रा जोशी से मात्र दो हजार मतो से चुनाव हार गए थे। 1967 में उन्होंने इन विरोधों के बावजूद सुभद्रा जोशी को 35 हजार मतों से चुनाव हराया।

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