Saturday , September 19 2020

सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली का विकास करेंगे अरुण जेटली

लखनऊ

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपनी सांसद निधि का उपयोग कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में करने का फैसला किया है । जेटली के प्रतिनिधि एवं उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने कहा, ‘केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली सांसद निधि का पैसा रायबरेली में खर्च करेंगे। वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं ।’ माना जा रहा है कि इस कदम से बीजेपी लोकसभा चुनाव से पहले सोनिया गांधी को उन्‍हीं के गढ़ में घेरने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि जेटली ने करीब महीने भर पहले रायबरेली को चुना था। जिले का प्रतिनिधित्व एक प्रख्यात राजनीतिक परिवार करता आया है लेकिन फिर भी यह अत्यंत पिछड़ा है और शायद यही वजह है कि जेटली ने इस जिले को चुना है। बाजपेयी ने बताया कि नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह जेटली रायबरेली दौरे पर आ सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि जिले के लोग स्टेडियम, विश्वविद्यालय, सौर लाइट और सौर उर्जा से चलने वाले पंप की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा ताकि जनता को राहत मिल सके। बाजपेयी ने कहा कि रायबरेली अंधेरे में रहा है क्योंकि कांग्रेस शासन के समय यहां विकास नहीं हुआ लेकिन अब यहां विकास की किरण आती दिख रही है।

विश्‍लेषकों के मुताबिक अरुण जेटली के इस कदम का मकसद लोकसभा चुनाव से पहले गांधी परिवार को उसके गढ़ में घेरना है। बता दें कि राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्‍मृति इरानी पहले से ही काफी सक्रिय हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को उन्हीं के गढ़ में मात देने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ऐक्शन में नजर आ रही हैं।

स्मृति इरानी ने पिछले दिनों अमेठी और रायबरेली के विकास के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि जिन लोगों के संसदीय क्षेत्र में आज भी 80 फीसदी मकान कच्चे हों, उनसे देश विकास की उम्मीद नहीं कर सकता है। स्मृति इरानी ने कहा, ‘रायबरेली जिले का सलोन विधानसभा क्षेत्र अपने आप में इस बात का गवाह है कि वर्षों से गांधी परिवार यहां का प्रतिनिधित्व कर रहा था लेकिन आज भी यहां पर जो चुनौतियां हैं उनका समाधान करने के लिए वह परिवार समय पर मौजूद नहीं रहता है।’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

कृषि विधेयकों पर बुरी फंसी कांग्रेस, राहुल के नेतृत्व में तब थी समर्थन में, सामने आया प्रूफ

नई दिल्ली मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए कृषि विधेयकों के विरोध को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)