पाक कोच की हिदायत, भारत में न हो पहले जैसा​

नई दिल्ली

चार बरस पहले भुवनेश्वर में चैंपियंस ट्रोफी के अनुभव से सबक लेते हुए पाकिस्तानी हॉकी टीम के मुख्य कोच हसन सरदार ने इस महीने के आखिर में उसी मैदान पर शुरू हो रहे विश्व कप में खिलाड़ियों को खेल के साथ अपने बर्ताव पर भी फोकस करने की हिदायत दी है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व कप में भारत को सेमीफाइनल का प्रबल दावेदार बताते हुए कहा कि मेजबान टीम पिछले कुछ अर्से से अच्छे फॉर्म में है और घरेलू मैदान पर खेलने का उसे फायदा मिलेगा।

भुवनेश्वर में चैंपियंस ट्रोफी 2014 के बाद पाकिस्तानी हॉकी टीम पहली बार भारत में एफआईएच का कोई टूर्नमेंट खेलेगी। चार साल पहले चैंपियंस ट्रोफी सेमीफाइनल में भारत को हराने के बाद पाकिस्तान के कुछ खिलाड़ियों ने कमीज उतारकर दर्शकों की ओर अभद्र इशारे किए थे जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के हॉकी संबंधों में कड़वाहट आ गई।

होगी सख्त कार्रवाई
ओलिंपिक (1984) और एशियाई खेल (1982) स्वर्ण पदक विजेता सरदार ने कहा, ‘इस बार खेल के साथ टीम के बर्ताव पर मेरा पूरा फोकस होगा। मैंने खिलाड़ियों को सख्त हिदायत दी है कि इस बार ऐसी कोई घटना होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ दिल्ली में 1982 में हुए एशियाई खेलों में मेजबान भारत पर 7-1 से मिली खिताबी जीत में हैटट्रिक जमाने वाले सरदार ने कहा कि भारत में बतौर खिलाड़ी उनका अनुभव बहुत अच्छा रहा है और उम्मीद है कि कोच के तौर पर भी इसमें फर्क नहीं आएगा।

भारत में मिलता है प्यार
उन्होंने कहा, ‘हमने 1982 में फाइनल में भारत को हराया था, लेकिन अगले दिन हम बाजार गए तो किसी दुकानदार ने हमसे सामान के पैसे नहीं लिए। भारत में हमें बहुत प्यार मिला और पाकिस्तान में भारतीय क्रिकेटरों और हॉकी खिलाड़ियों को वही प्यार मिलता है। हमें इसी रिवायत को कायम रखना है।’ पाकिस्तानी कोच ने कहा, ‘खिलाड़ी कभी भी खेलभावना के विपरीत आचरण नहीं करते, लेकिन मुझे बताया गया कि उन्हें दर्शकों की ओर से उकसाया गया था। कारण जो भी हो, इस तरह का आचरण स्वीकार्य नहीं है और हमें यकीन है कि इस बार अच्छी यादें लेकर ही हम लौटेंगे। मैदान पर चैंपियंस ट्रोफी 2014 में भी भारत और नीदरलैंड जैसी टीमों को हराकर हमारा अनुभव अच्छा रहा था।’

एशियाई चैंपियंस ट्रोफी फाइनल पर दी सफाई
मस्कट में पिछले महीने एशियाई चैंपियंस ट्रोफी में बारिश के कारण फाइनल रद्द होने के कारण पाकिस्तान को भारत के साथ संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। बाद में कोच हसन के हवाले से खबरें आई थी कि वे फाइनल खेलना चाहते थे, लेकिन भारत ने इनकार कर दिया। इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है। मैंने इतना कहा था कि हम फाइनल खेलना चाहते थे और निश्चित तौर पर भारत भी खेलना चाहता होगा। कोई खिलाड़ी नहीं चाहता कि बारिश के कारण मैच रद्द हो पर हकीकत यह थी कि हालात खेलने लायक नहीं थे। लेकिन टूर्नमेंट में प्रदर्शन से मेरी टीम का हौसला बढ़ा है जिसकी विश्व कप से पहले जरूरत थी।’

भारतीय टीम को विश्व कप में सेमीफाइनल तक का प्रबल दावेदार बताते हुए उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम अच्छे फॉर्म में है। चैंपियंस ट्रोफी में फाइनल खेली थी और उसे दर्शकों का समर्थन हासिल होगा जो काफी मायने रखता है। भारत भुवनेश्वर में ही अभ्यास कर रहा है और कम से कम सेमीफाइनल तक जरूर पहुंचेगा।’ पाकिस्तान की संभावनाओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उनका पूल कठिन है लेकिन तैयारी पुख्ता है।

उन्होंने कहा, ‘हमारे पूल में नीदरलैंड्स, जर्मनी और मलयेशिया है। हमारी नजरें जर्मनी पर होगी जिसने पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय हॉकी नहीं खेली है। मलयेशिया को हमने हाल ही में हराया है। नीदरलैंड्स हमसे बेहतर है लेकिन मैच के दिन फॉर्म में होने पर हम किसी को भी हरा सकते हैं।’ उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय हॉकी की बहाली की पैरवी करते हुए कहा, ‘इससे लोगों की हॉकी में रुचि बढेगी और नई प्रतिभाएं भी सामने आएगी। हॉकी के प्रचार का इससे बढिया जरिया नहीं हो सकता।’

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