Wednesday , September 30 2020

भारत हारा वनडे सीरीज, मिशन वर्ल्ड कप कैसे होगा पार?

नई दिल्ली

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने दिल्ली वनडे में टॉस के दौरान कहा कि भारत वर्ल्ड कप के लिए अपनी प्लेइंग- XI के काफी करीब है। वहीं फिरोजशाह कोटला में खेले गए इस मैच में मेजबान भारत की 35 रन से हार के बाद सवाल उठने लगे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले 2009 में भारत में द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती थी। इतना ही नहीं, मेहमान टीम 0-2 से पिछड़ने के बाद आज तक कोई वनडे सीरीज नहीं जीत पाई थी लेकिन दिल्ली वनडे में उसने इतिहास रच दिया।

दूसरी तरफ, भारत के साथ दूसरी बार ऐसा हुआ कि टीम 2-0 से बढ़त बनाने के बाद कोई वनडे सीरीज (5 या इससे अधिक मैचों) हारी। 30 मई से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम की यह अंतिम वनडे सीरीज थी। दुनिया की नंबर-2 वनडे टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने में भी नाकाम नजर आई। अगले महीने 23 अप्रैल तक वर्ल्ड कप के लिए अंतिम-15 खिलाड़ियों के नाम देने हैं। ऐसे में कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली के पास 40 से ज्यादा दिनों का समय है।

भारत का कमजोर बैटिंग लाइनअप भी इस सीरीज से उजागर हुआ- नंबर-4 और नंबर-5 का स्थान। इन दोनों स्थानों के दावेदार अंबाती रायुडू और लोकेश राहुल को दिल्ली वनडे के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया। ऋषभ पंत (विकेटकीपर बल्लेबाज) को शानदार मौका मिला लेकिन वह अपने घरेलू मैदान पर केवल 16 रन ही बना सके। विराट कोहली टीम के 68 के स्कोर पर आउट हुए और ऐसे में पंत पर जिम्मेदारी थी लेकिन वह इस मौके का लाभ नहीं उठा सके। इससे नंबर-4 स्थान और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बैकअप पर एक बार फिर सवाल उठने लगे।

इतना ही नहीं, नंबर-5 पर उतरे विजय शंकर भी कुछ खास नहीं कर सके और वह 21 गेंदों पर 16 रन बनाकर चलते बने। ऐसे में सवाल उठते हैं कि क्या नंबर-4 पर धोनी का स्थान और पक्का होगा? और दिनेश कार्तिक को पंत पर तरजीह देते हुए उन्हें बैकअप कीपर के तौर पर टीम में जगह मिलेगी? वनडे में पिछले 2 साल की बात करें तो भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जो 10 में से 7 मैच जीते, उनमें कार्तिक नाबाद रहे। केवल इंग्लैंड के जो रूट (9), कोहली और धोनी (8) ही इस दौरान बेहतर नजर आए। चैंपियंस ट्रोफी से कार्तिक ने अच्छा प्रदर्शन किया, ऐसे में 21 साल के पंत के पास खुद को साबित करने का मौका था।

गेंदबाजी में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस सीरीज में दुनिया के नंबर-1, नंबर-4 और नंबर-5 गेंदबाजों को टीम इंडिया में जगह मिली जो क्रमश: जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल हैं। इसके बावजूद मोहाली में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 359 के पहाड़ जैसा लक्ष्य हासिल किया। यह पहला मौका था, जब भारतीय टीम 350 से ज्यादा के स्कोर का बचाव करने में नाकाम रही और वह भी 13 गेंद शेष रहते ऑस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज की। दिल्ली में भी ओपनर उस्मान ख्वाजा का विकेट 33वें ओवर में गिरा। भारत ने एक समय 77 गेंदों पर 54 रन देते हुए 6 विकेट भी लिए लेकिन फिर रिचर्ड्सन और पैट कमिंस ने 8वें विकेट के लिए 34 रन जोड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 272 रन तक पहुंचा दिया। भारत इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका और सीरीज हार गया।

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