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रोहित-धवन की खराब फॉर्म है भारत के लिए चिंता का विषय

मोहाली

नंबर चार पर टीम इंडिया के लिए कौन बल्लेबाजी करे इस सवाल के शोर में सलामी जोड़ी की फॉर्म पर ज्यादा लोगों की नजर नहीं गई। वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को सिर्फ दो एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं और ऐसे में मजबूत मानी जाने वाली रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी की हालिया खराब फॉर्म चिंता का विषय है।एक बड़े टूर्नमेंट से पहले सलामी जोड़ी का रनों के लिए यूं संघर्ष करना अच्छा संकेत नहीं है। खास तौर पर जब नंबर तीन पर विराट कोहली के बाद मिडल ऑर्डर भी अस्थिर है।

हैदराबाद में भारतीय टीम 237 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी और पहला विकेट सिर्फ 4 के स्कोर पर गिर गया। धवन अपनी पहली ही गेंद पर ऑफ स्टंप के बाहर बड़ा ड्राइव खेलने के चक्कर में कैच आउट हो गए। नागपुर में रोहित खाता खोले बिना चलते बने। इसके साथ ही नंबर 4 पर अंबाती रायुडू का संघर्ष भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में पिछले तीन मैचों में भारत का दो बार टॉप ऑर्डर ढह चुका है।

शुक्रवार को रांची में, किंग कोहली की सेंचुरी भी भारत को जीत नहीं दिला पाई। यहां भी पहला विकेट 11 के स्कोर पर गिर गया था। इसमें 3.3 ओवर में धवन ने सिर्फ 1 रन बनाया था। इसके बाद रोहित और रायुडू भी आउट हो गए और भारत का स्कोर 27/3 हो गया।

कोहली अपने खेल का अलग स्तर रखते हैं, उन्होंने साफ कर दिया कि बल्लेबाजी क्रम का इस तरह ढहना टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा था, ‘हम इस तरह बल्लेबाजी का ढहना और नहीं देखना चाहते।’ कोहली ने कहा था, ‘मुझे पूरा यकीन है कि जो खिलाड़ी आउट हुए हैं वे इन मौकों का पूरा फायदा उठाना चाहेंगे। यह सीरीज में दो बार हो चुका है। हम काफी गर्व से क्रिकेट खेलते हैं और बार-बार इस तरह होना हमारे लिए अच्छा नहीं।’

कोहली का संदेश साफ है। लेकिन इस सबके बीच कहीं न कहीं भारतीय सलामी जोड़ी की हालिया फॉर्म पर भी नजर डालनी चाहिए। जनवरी से खेले गई पिछली 11 पारियों में भारत की सलामी जोड़ी का औसत 31 का है। इसमें एक बार शतकीय साझेदारी है और उनका रन रेट 4.65 का रहा है। अगर आप आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच साल में कभी भी भारत की सलामी जोड़ी का औसत 41.56 से कम नहीं रहा और यह भी आखिरी बार यह भी 2015 में हुआ था। कोई हैरानी की बात नहीं कि कोहली नाराज हैं।

धवन का संघर्ष का समय कुछ लंबा ही चला आ रहा है। बीते करीब छह महीने से वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका रेकॉर्ड सुधर नहीं रहा है। बीती छह पारियों में उनका बल्लेबाजी औसत 11.5 का है। धवन के करियर में निरंतरता का अभाव है और फिलहाल तो उन्हें रन बनाने में और भी संघर्ष करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, उनकी छवि एक ऐसे खिलाड़ी की बनती जा रही है जो दबाव में बिखर जाता है। एक ऐसा खिलाड़ी जो प्रतिस्पर्धा को अच्छी तरह नहीं संभाल पाता। ऐसा लग रहा है कि अगर उन्हें कवर्स में उनका फेवरिट कवर ड्राइव खेलने से रोक दिया जाए तो वह खीझ जाते हैं।

रोहित की हालिया फॉर्म टीम के लिए एक और परेशानी का सबब है। इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 59.3 का रहा है। कंगारू टीम के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट इतना कम कभी नहीं रहा। इस साल उनका बल्लेबाजी औसत भी सिर्फ 36.81 का है। 2013-2018 के बीच हर साल उनका औसत 50 से ज्यादा रहा है। हालांकि सीमिंग कंडीशन में रोहित ने काफी संघर्ष किया है लेकिन फिर भी उनका बल्ला रन बनाता रहा है।

हालांकि इसमें एक पेच है। कुछ तकनीकी कमियां सामने आने के बाद भी ये दोनों खिलाड़ी खुद को कई बार मैच-विनर साबित कर चुके हैं। रोहित, खास तौर सीमित ओवरों के खेल में खुद को रन-मशीन का खिताब भी दिलवा चुके हैं। रोहित की बल्लेबाजी में फ्लो नजर आता है। वह एक मजबूत सलामी बल्लेबाज के तौर पर अपनी छवि बना चुके हैं। वह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगा चुके हैं। जहां तक रनों की बात है धवन-शर्मा की सलामी जोड़ी ODI इतिहास की चौथी सबसे कामयाब जोड़ी है।

इस बार का वर्ल्ड कप इंग्लैंड और वेल्स में खेला जाएगा। यहां धवन का बल्लेबाजी औसत 65.06 और रोहित का औसत 57.25 रहा है। यह इंग्लैंड में किसी भी अन्य भारतीय सलामी बल्लेबाज से ज्यादा है। सौरभ गांगुली (38), सचिन तेंडुलकर (35.71) और सुनील गावसकर (28.73) से ही रन बना पाए। जहां तक आईसीसी इवेंट्स की बात है तो इनमें धवन का फॉर्म अलग ही स्तर पर नजर आता है। यही हाल रोहित का भी है। एशिया कप, चैंपियंस ट्रोफी और वर्ल्ड कप में उनका कुल औसत 48.62 का रहा है।

रांची के मुकाबले के बाद बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने धवन को सपॉर्ट किया। उन्होंने कहा, ‘धवन हमारी टीम के लिए अहम खिलाड़ी हैं। वह आपको मजबूती देते हैं। इसके साथ ही लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन के लिए भी उनका टीम में होना बहुत जरूरी है। वह काफी महत्वपूर्ण हैं और हमें उम्मीद है कि वह जल्द ही अच्छी फॉर्म हासिल कर लेंगे।’

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