नई दिल्ली
एशियन गेम्स 2023 भारत की मेडल की सबसे बड़ी उम्मीद बजरंग पुनिया को रेसलिंग के 65 किलोग्राम भार वर्ग में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। ईरान के रहमान अमौजदखलीली के आगे वह किसी बच्चे की तरह दिख रहे थे। ईरानी पहलवान ने पहले ही राउंड में 4 पॉइंट्स की बढ़त बनाई और फिर दूसरे राउंडर में बढ़त को 8-0 कर दिया। हालांकि, यहां एक पॉइंट बजरंग ने जरूर लिया, लेकिन यह जीत के लिए काफी नहीं था। अब वह रेपेचेज में उतरेंगे और ब्रॉन्ज मेडल जीत सकते हैं।
रेसलिंग संगठन और पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लंबा मोर्चा संभालने वाले बजरंग से अभी भी पदक की उम्मीद है। जब वह मैट पर उतरे तो माना जा रहा था कि वह इस मैच को जीतकर भारत को एक और गोल्ड दिलाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पहले राउंड में ही वह बुरी तरह पिछड़ते नजर आए। ईरानी पहलवान हमलावर था। वह फ्रंट फुट पर खेल रहा था, दूसरी ओर बजरंग थोड़े थके नजर आए। वह 0-4 से पिछड़ गए।
दूसरे राउंड में इस गैप को भरने की उम्मीद थी। लेकिन ईरानी पहलवान ने एक बार फिर 4 पॉइंट्स लेकर अपनी बढ़त 8-0 कर दी। यहां से वापसी करना बेहद मुश्किल था। बजरंग ने कोशिश की और एक पॉइंट लिया, लेकिन यह जीत के लिए नाकाफी था। आखिरकार ईरानी पहलवान 8-1 से जीतने में कामयाब रहा। वह फाइनल में पहुंच गया है तो बजरंग को रेपेचेज में जाने का मौका मिल गया है। अब उम्मीद है कि बजरंग यहां जीतकर ब्रॉन्ज मेडल भारत को दिलाएंगे।
