नई दिल्ली ,
चेन्नई (चेपॉक) के एमए चिदम्बरम स्टेडियम की पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी, इस बात की उम्मीद बांग्लादेशी टेस्ट कप्तान नजमुल हसैन शांतो ने जताई थी. ठीक वैसा ही हुआ. करियर का केवल चौथा टेस्ट मैच खेल रहे 24 साल के गेंदबाज हसन महमूद ने अपने स्पेल से भारतीय टीम के होश उड़ा दिए. उन्होंने भारतीय टीम के 34 रन पर 3 विकेट गिरा दिए.
भारतीय पारी के शुरुआती तीनों विकेट (रोहित- 6, गिल- 0, कोहली-6) हसन महमूद को मिले. ऋषभ पंत (39) लय में लग रहे थे, लेकिन वह भी हसन महमूद का शिकार बने. इनमें रोहित, पंत और कोहली एक ही पैटर्न में आउट हुए. बाद में इसी कड़ी में यशस्वी जायसवाल (56) भी शामिल हो गए, जब गेंद ने बाहरी किनारे को चूमा और वह पहली स्लिप पर पकड़े गए.
तस्कीन अहमद, हसन महमूद और नाहिद राणा के रूप में बांग्लादेशी कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने पेस बैटरी के रूप में उतारा. तीनों ने चेन्नई की रेड सॉइल वाली पिच पर ऐसी गेंदबाजी की कि लगा ही नहीं यह वही चिदम्बरम स्टेडियम वाली पिच है, जो स्पिन फ्रेंडली और बैटिंग फ्रेंडली कही जाती थी.
पिच पर तेज बाउंस और गजब का स्विंग देखने को मिला. लंच से पहले अगर जिन लोगों ने यह मैच देखा होगा, उन्हें यह बात अच्छी तरह मालूम होगी कि चेन्नई की पिच का बिहैव अपने पारंपरिक स्वरूप से एकदम अलग था. शायद इस बात को बांग्लादेशी कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने भांप लिया था.
शांतो ने टॉस जीतने के तुरंत बाद कहा मैं पहले गेंदबाजी करना पसंद करूंगा. विकेट पर नमी है और हम इसका फायदा उठाना चाहते हैं. शांतो ने कहा पिच सख्त दिख रही है और उसमें नमी है. पहला सेशन तेज गेंदबाजों के लिए बहुत अच्छा रहेगा.
जिस तरह से हमने उस सीरीज (पाकिस्तान के खिलाफ) खेली थी, उससे हम आश्वस्त हैं. यह एक नई सीरीज है, हमें अपने प्रोसेस को फॉलो करेंगे. रोहित शर्मा ने टॉस के बाद निराश दिखे, उन्होंने कहा कि वह भी पहले गेंदबाजी करना चाहते थे. कुल मिलाकर शांतो ने जिस तरह का अनुमान इस टेस्ट मैच को लगाया वह एकदम फिट बैठा.
चेन्नई में केवल दूसरी बार हुआ ऐसा
चेन्नई के चेपॉक में टॉस जीतने के बाद एक अजीबोगरीब कनेक्शन है. यहां अमूमन पहले किसी भी टीम को बॉलिंग करने से टीमों को डर लगता है. अभी चल रहे टेस्ट मैच से पहले यहां 34 मैचों में केवल एक बार इंग्लैंड ने ही टॉस जीतकर पहले बॉलिंग चुनी थी. ऐसा 1982 में भारत और इंग्लैंड के बीच हुए मैच में हुआ था, तब यह मैच ड्रॉ रहा था. उसके बाद ऐसा दूसरी बार हुआ कि किसी कप्तान ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी चुनी हो.
रोहित, पंत और कोहली यशस्वी सभी बाहर जाती गेंद पर आउट
1: रोहित स्लिप पर आउट: चेन्नई टेस्ट मैच में भारतीय पारी के चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के खिलाफ हसन महमूद ने एलबीडब्लू की अपील की और DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) लिया, पर अंपायर कॉल होने की वजह से वो बच गए. लेकिन फिर रोहित अपनी पारी लंबी नहीं खींच सके और छठे ओवर की पहली गेंद पर 6 रन बनाकर हसन महमूद की गेंद पर स्लिप पर खड़े कप्तान नजमुल हसन शांतो को कैच दे बैठे. दरअसल, रोहित चाहते थे बॉल को छोड़ सकते थे, क्योंकि चेन्नई में शुरुआती 1 घंटे में गेंद में गजब की स्विंग देखने को मिल रही थी.
2: कोहली ने ऑफ स्टम्प के बाहर की गेंद खेली: हसन महमूद ने 10वें ओवर में भारतीय टीम को एक और तगड़ा झटका दिया. जब विराट कोहली को उन्होंने अपने जाल में फंसाया. कोहली ऑफ-स्टम्प के बाहर फेंकी गई गेंद पर बॉडी से दूर होकर शॉट खेलना चाहते थे. इस प्रयास में कोहली पूरी तरह चूक गए और गेंद उनके बैट का किनारा लेते हुए विकेटकीपर लिटन के पास चली गई.
किंग कोहली 6 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 6 रन ही बना सके. कोहली 259 दिन बाद टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरे थे. कोहली का इससे पिछला टेस्ट मैच जनवरी 2024 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में था. कोहली पारिवारिक कारणों से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर रहे थे. कोहली के आउट होने के समय भारत का स्कोर तीन विकेट पर 34 रन था.
3: ऋषभ पंत भी इसी तरह अपना विकेट गंवाया: हसन महमूद ने मैच में अपना चौथा शिकार ऋषभ पंत को किया. करीब 2 साल बाद वापसी कर रहे पंत ने शॉट और वाइड गेंद पर छेड़खानी की कोशिश की. इसके बाद गेंद एज लगकर कीपर लिटन दास के दस्ताने में चली गई. आउट होने के बाद वह खुद से निराशचहै. पंत को 27 रन पर कैच भी छूटा था.
4. … यशस्वी जायसवाल धोखा खा गए: जब ऐसा लग रहा था कि चेपॉक पर यशस्वी कुछ अलग करेंगे, लेकिन उनकी भी तकनीक उन्हें बचा नहीं पाई. गेंद ने बाहरी किनारे को चूमा और पहली स्लिप पर शादमान को उन्होंने आसान कैच दे दिया. इसके साथ ही जायसवाल की संघर्ष भरी पारी- 56 (118) नाहिद राणा की गेंद पर समाप्त हो गई.
