16.2 C
London
Friday, April 24, 2026
Homeखेलशादी करके घर बसाना चाहती थीं दूती चंद, कोर्ट के फैसले से...

शादी करके घर बसाना चाहती थीं दूती चंद, कोर्ट के फैसले से बिखर गए सारे सपने

Published on

नई दिल्ली

भारत की स्टार स्प्रिंटर दुती चंद ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार पर निराशा व्यक्त की है। 2019 में, दुती समलैंगिक के रूप में सामने आईं, समलैंगिक संबंधों का खुलासा करने वाली पहली भारतीय एथलीट थीं। हालांकि दूती चंद अब कोर्ट के फैसले के कारण अपनी शादी के प्लान को रद्द करने वाली हैं। इस इस फैसले के बाद दूती ने कहा कि मैं अपनी पार्टनर से मोनालिसा से शादी करने की योजना बना रखी थी।

उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी पार्टनर मोनालिसा से शादी करने की योजना बना रखी थी, कोर्ट के फैसले ने सभी योजनाओं पर पानी फेर दिया है। मैं मोनालिसा के साथ पांच साल से हूं। हम एक साथ खुश हैं और वयस्कों के रूप में, हमें अपने फैसले खुद लेने का पूरा अधिकार है। हम आशा करते है कि संसद समलैंगिक विवाह को अनुमति देने वाला कानून पारित करेगी।’

वहीं दुती के रिश्ते का विरोध करने वाले उनके परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कुछ अन्य लोगों ने संसद से हस्तक्षेप करने का आह्वान किया। ओडिशा के केंद्रपाड़ा में एक अधिकार कार्यकर्ता अमरबर बिस्वाल ने कानून में संशोधन की मांग की है।

बता दें कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 और विशेष विवाह अधिनियम, 1954, विषमलैंगिक विवाह को मान्यता देते हैं, लेकिन एक लड़की दूसरी लड़की के साथ रह सकती है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में धारा 377 को रद्द कर दिया है और पुलिस उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकती है।

कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने को अपना फैसला सुनाते हुए इसे मान्यता देने से इनकार कर दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने माना कि समलैंगिक व्यक्तियों के साथ भेदभाव न किया जाना समानता की मांग है। शीर्ष अदालत ने कहा कि समलैंगिक लोगों सहित सभी को अपने जीवन की नैतिक गुणवत्ता का आकलन करने का अधिकार है।

कोर्ट ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम की व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है या नहीं, इसका निर्णय संसद को करना है। इससे पहले ‘जमीयत उलमा-ए-हिंद’ की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस मामले में दलील पेश की थी। कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ को बताया था कि संसद की ओर से कोई कानून न बनाए जाने के विमर्श के आधार पर समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की घोषणा ‘गलत कदम’ होगा।

Latest articles

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 92 वर्षीय डॉ. निर्मल घोष को किया सम्मानित, आपातकाल के संघर्षों को किया याद

बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के प्रवास...

ओसियां को 416 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की खेल स्टेडियम की घोषणा, बोले- उन्नत तकनीक से समृद्ध बनें किसान

ओसियां (जोधपुर)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओसियां उपखण्ड मुख्यालय के दौरे के...

जयपुर में ‘ग्राम-2026’ का शंखनाद: दिल्ली इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को किया आमंत्रित

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की कृषि विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के...

More like this

बीएचईएल स्पोर्ट्स क्लब में 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ

भोपाल। 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ भेल खेल प्राधिकरण बैडमिंटन कोर्ट, बरखेड़ा...

टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब जीता

अहमदाबाद। भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से...