T20 World Cup 2026: भारतीय क्रिकेट टीम के रफ्तार के सौदागर मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) का नाम जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 की स्क्वाड में नहीं दिखा, तो फैंस के साथ-साथ क्रिकेट पंडित भी दंग रह गए। सिराज, जो पिछले कुछ सालों से टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक रहे हैं, उनका अचानक बाहर होना कई सवाल खड़े कर गया। अब सिराज के पुराने साथी और दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डीविलियर्स (AB de Villiers) ने इस राज से पर्दा उठाया है कि आखिर चयनकर्ताओं ने ‘मियां भाई’ पर भरोसा क्यों नहीं जताया। डीविलियर्स के मुताबिक, सिराज का बाहर होना उनके टैलेंट की कमी नहीं, बल्कि टीम के खास ‘बैलेंस’ का नतीजा है
फॉर्म के बावजूद टीम से कटा सिराज का पत्ता
एबी डीविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा करते हुए कहा कि मोहम्मद सिराज उन खिलाड़ियों में से एक हैं जो टीम में जगह न पाकर बहुत ‘अनलकी’ रहे हैं। सिराज ने पिछले साल हर फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया था और आईपीएल 2025 में भी गुजरात टाइटंस (GT) के लिए खेलते हुए 15 मैचों में 16 विकेट झटके थे। इसके बावजूद, उन्हें 2025 में एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिला। डीविलियर्स का मानना है कि सिराज एक वर्ल्ड क्लास गेंदबाज हैं, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप जैसी बड़ी जंग में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।1
मैनेजमेंट को चाहिए था गेंदबाजी के साथ बैटिंग का तड़का
डीविलियर्स ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सिराज के बाहर होने और हर्षित राणा के अंदर आने की मुख्य वजह ‘बैटिंग डेप्थ’ है। सिराज एक शुद्ध गेंदबाज (Pure Bowler) हैं, जबकि हर्षित राणा निचले क्रम में आकर लंबे शॉट लगाने की काबिलियत रखते हैं। आज के टी20 क्रिकेट में टीमें नंबर 8 या 9 तक बल्लेबाजी चाहती हैं। डीविलियर्स के अनुसार, “मैनेजमेंट ने हर्षित को इसलिए चुना क्योंकि वह बल्लेबाजी में भी हाथ दिखा सकते हैं, जबकि सिराज के साथ यह विकल्प नहीं था।” यही वजह है कि सिराज का अनुभव, हर्षित की ऑलराउंड काबिलियत के आगे फीका पड़ गया।
सीमर्स को केवल ‘बोनस’ मान रहा है भारतीय मैनेजमेंट
एक और चौंकाने वाली बात जो डीविलियर्स ने कही, वो यह है कि भारतीय टीम का मुख्य फोकस अब स्पिन गेंदबाजी पर शिफ्ट हो गया है। टीम इंडिया अपनी जीत का रास्ता कुलदीप यादव और अन्य स्पिनरों के जरिए देख रही है। तेज गेंदबाजों को मैनेजमेंट केवल शुरुआती विकेटों के लिए एक ‘बोनस’ की तरह देख रहा है। टीम के पास पहले से ही जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे माहिर गेंदबाज हैं, ऐसे में तीसरे सीमर के तौर पर सिराज जैसे अनुभवी खिलाड़ी के बजाय टीम ने किसी ऐसे को चुना जो टीम के बैलेंस में फिट बैठ सके।
ऑलराउंडर्स के दम पर ‘चैंपियन’ बनने की तैयारी
डीविलियर्स का मानना है कि टीम इंडिया के पास सभी मोर्चों पर कवर मौजूद हैं। अगर बुमराह और अर्शदीप शुरुआती ओवर डालते हैं, तो बाकी का काम हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे मिलकर पूरा कर सकते हैं। यह दोनों खिलाड़ी टीम को तेज गेंदबाजी के साथ-साथ मध्यक्रम में मजबूती भी देते हैं। ऐसे में सिराज जैसे स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज को प्लेइंग-11 में फिट करना मुश्किल हो रहा था। टीम इंडिया एक ऐसी ‘चैंपियन टीम’ बनाना चाहती है जहाँ हर खिलाड़ी के पास एक से ज्यादा हुनर हो, और सिराज इसी समीकरण में पिछड़ गए।
टी20 से विदाई, पर वनडे में ‘मियां भाई’ का जलवा रहेगा बरकरार
सिराज के फैंस के लिए राहत की बात यह है कि भले ही वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हों, लेकिन वह अब भी बीसीसीआई के 2027 वनडे वर्ल्ड कप के प्लान का अहम हिस्सा हैं। डीविलियर्स ने कहा कि सिराज का टैलेंट वनडे फॉर्मेट में ज्यादा उभर कर आता है जहाँ वह नई और पुरानी गेंद को कंट्रोल करना जानते हैं। फिलहाल के लिए सिराज को टी20 के ‘बैलेंस गेम’ का शिकार होना पड़ा है, लेकिन वह जल्द ही नीली जर्सी में वापसी करेंगे और अपना जलवा बिखेरेंगे।
