9.1 C
London
Tuesday, March 31, 2026
Homeखेलवेंकटेश प्रसाद-आकाश चोपड़ा विवाद में भारतीय फैंस नहीं ट्रोल्स ने मजे लिए?

वेंकटेश प्रसाद-आकाश चोपड़ा विवाद में भारतीय फैंस नहीं ट्रोल्स ने मजे लिए?

Published on

केपटाउन

वेंकटेश प्रसाद और आकाश चोपड़ा के बीच जो कुछ सोशल मीडिया में हुआ शायद आप सभी लोग उसके बारे में जान ही चुके होंगे। यहां वो सब दोहराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लंबे समय बाद ऐसा हुआ है जब दो पूर्व भारतीय खिलाड़ी इस तरह से आमने सामने हुए हैं। हालांकि, अब भी तमाम विवादों के बावजूद दोनों ने शालीनता की लक्ष्मण रेखा नहीं लांघी जो एक सुखद बात है। वरना ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है बस सरहद पार पाकिस्तानी खिलाड़ियों को देख लीजिए। अगर मोहम्मद आमिर और शाहीन आफरीदी वाले ताजा विवाद से आप हैरान हैं तो आपको रमीज राजा और मोहम्मद यूसूफ का लाइव टीवी पर तू तू मैं मैं वाला वीडियो देखना चाहिए।

क्या सुर्खियों में आना चाहते हैं प्रसाद?
आकाश चोपड़ा ने वेंकेटेश प्रसाद को केएल राहुल वाले मुद्दे पर अपने यूट्यूब चैनल में बहस के लिए कहा जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। दोनों खिलाड़ी शायद इस मुद्दे को उतना तूल नहीं दे रहें हैं जितना कि सोशल मीडिया पर ट्रोल आर्मी। अब राहुल के विरोधी प्रसाद के पीछे पड़े हुए हैं। वो ये आरोप लगा रहे हैं कि प्रसाद जानबूझकर सुर्खियों में आने के लिए ऐसा कर रहें है ताकि उन्हें टीवी चैनल का मोटा करार मिल जाए या फिर सोशल मीडिया में वो नई पीढ़ी के लिए फिर से प्रासंगिक हो जाए। बहुत सारे फैंस को 1996 वर्ल्ड कप में प्रसाद का आमिर सोहेल को आउट करने वाला यादगार लम्हा शायद याद नहीं हो।

वेंकटेश प्रसाद की बेबाक राय
आरोप प्रसाद पर ये भी लगाया जा रहा है कि उन्हें सीनियर टीम का मुख्य चयनकर्ता बनने का मौका नहीं मिला तो वो खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली हरकरत कर रहें हैं। प्रसाद हाल के समय तक जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन प्रसाद को ये लेखक निजी तौर पर जानते हैं और जितना जानता हूं उसके आधार पर ये कह सकता हूं कि प्रसाद ने एक पूर्व खिलाड़ी और कोच के तौर पर एक बेबाक राय रखी है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। हम उससे सहमत हों या असहमत वो एक अलग बात हैं।

सुनील शेट्टी को घसीटना कितना सही?
यही बात आकाश चोपड़ा को साथ भी लागू होती है, आप उनके विचार से सहमत हो या नहीं ये अलग बात है, लेकिन 5-10 साल पुराने वीडिया निकालकर ये साबित करना कि सुनील शेट्टी के साथ बेहतरीन संबधों के चलते वो ऐसा कर रहे हैं, अनुचित होगा। प्रसाद के मुकाबले ये लेखक चोपड़ा को ज्यादा करीब से जानते हैं और ये दावा भी कर सकते हैं, उनके दोस्तों में से एक हैं, लेकिन यहां पर मैं चोपड़ा का बचाव करने नहीं आया हूं।

चोपड़ा-प्रसाद में कौन सही-कौन गलत?
निष्पक्ष होते हुए ईमानदारीपूर्वक मैंने पूरे विवाद को एक अलग तरीके से देखने की कोशिश की है और इसलिए न तो चोपड़ा और न प्रसाद से मैंने उनकी राय ली। अगर ऐसा करता तो शायद मेरे लिए न्यूट्रल रहना मुमकिन नहीं होता। मुझे लगता है कि इस बात को जितना तूल सोशल मीडिया पर फैंस दे रहें शायद वो आज के दौर का मिजाज हैं। एक तरीके से देखा जाय तो दोनों का संवाद पूरी तरह से एक क्रिकेट बहस का था, लेकिन फैंस ने इसे निजी प्रतिष्ठा का मुद्दा बना दिया। इसके चलते चोपड़ा के टेस्ट रिकॉर्ड की बखियां उधेड़ी गई और पुराने पोस्ट को फिर से शेयर करके उनको अपमानित करने की कोशिश की गयी तो वहीं प्रसाद को भी राहुल समर्थकों ने बेवजह ओवररेटेड पूर्व तेज गेंदबाज जैसी बातें कहीं। भारतीय फैंस ऐसी राय रखने वाले फैंस से काफी बेहतर है।

Latest articles

सड़क चौड़ीकरण: हटेंगी लेबर कॉलोनी की 55 दुकानें और 38 मकान, विरोध तेज

भोपाल। शहर में इंद्रपुरी-भवानीशाह क्षेत्र की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन द्वारा लेबर...

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

More like this

बीएचईएल स्पोर्ट्स क्लब में 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ

भोपाल। 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ भेल खेल प्राधिकरण बैडमिंटन कोर्ट, बरखेड़ा...

टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब जीता

अहमदाबाद। भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से...