नई दिल्ली
दिल्ली के दो खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने काफी समय तक भारत के लिए एक साथ खेला। दोनों टीम इंडिया के लिए ओपनिंग करते थे। लेकिन क्रिकेट से संन्यास के बाद दोनों के रिश्ते ठीक नहीं बताए जाते। एक बार फिर इसका उदाहरण मिला है। दरअसल, देश में अभी इंडिया vs भारत का विवाद काफी तेजी से चल रहा है। वीरेंद्र सहवाग भी कूद गए और बीसीसीआई सचिव जय शाह के सामने मांग रखी कि टीम की जर्सी पर इंडिया की जगह भारत लिखा हो। उनके पोस्ट पर अलग-अलग रिएक्शन आने लगे। इसमें एक ने लिखा कि मैं हमेशा सोचता था कि आपको गौतम गंभीर से पहले सांसद बनना चाहिए था।
सहवाग ने नाम लिए बिना सुना दिया
वीरेंद्र सहवाग जैसे सेलिब्रिटी वैसे तो किसी कमेंट पर शायद ही रिएक्ट करते हैं। लेकिन उन्होंने इस कमेंट का लंबा जवाब दिया। सहवाग ने लिखा- मुझे राजनीति में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं है। पिछले दो चुनावों में दोनों प्रमुख पार्टियों ने मुझसे संपर्क किया। मेरा मानना है कि अधिकांश इंटरटेनर्स या खिलाड़ियों को राजनीति में नहीं आना चाहिए। क्योंकि वहां अधिकांश अपने अहंकार और सत्ता की भूख के लिए हैं और लोगों के लिए मुश्किल से ही समय निकाल पाते हैं। कुछ जरूरत अपवाद हैं लेकिन आम तौर पर ज्यादातर केवल पीआर करते हैं। मुझे क्रिकेट से जुड़ना और कमेंटरी करना पसंद है। सुविधा के अनुसार पार्ट-टाइम एमपी बनने की मैं कभी इच्छा करता हूं।
क्या गंभीर पर है निशाना?
वीरेंद्र सहवाग ने यहां भले ही गौतम गंभीर का नाम नहीं लिया। लेकिन उनका इशारा उसी तरफ था। कई बार कमेंट्री करने के लिए गंभीर की आलोचना होती है। सहवाग के इस जवाब कमेंट भी इसी तरह के आ रहे हैं। एक यूजर न लिखा- गंभीर के अच्छे दिन नहीं चल रहे शायद। एक ने लिखा कि गंभीर को भारी क्षति पहुंची होगी आपके कथन थे। तो दूसरे ने लिखा- मेरा भी ऐसा ही विचार है, खिलाड़ी और एक्टर्स को राजनीति नहीं करनी चाहिए।
