Saturday , October 24 2020

अटल के अस्थि विसर्जन पर असमंजस खत्म

हरिद्वार

हरिद्वार में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि विसर्जन को लेकर उस समय प्रशासन के सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई जब तीन तीर्थ पुरोहितों ने इस पर दावा कर दिया। हालांकि बाद में अस्थि विसर्जन को लेकर असमंजस छंट गया। अब अटल के अस्थि प्रवाह एवं अन्य कर्मकांड उनके तीर्थ पुरोहित पंडित अखिलेश शास्त्री द्वारा ही कराया जाएगा। पता लगा है कि शनिवार दोपहर उनके पास अटलजी के भांजे अनूप मिश्रा का फोन आ था। अनूप ने उन्हें ही पूरे प्रबंध करने के लिए कहा है। ऐसे में अब अटल की अस्थियां वह ही प्रवाहित कराएंगे।

रविवार को अटल की अस्थियां हरिद्वार में प्रवाहित करने को लाई जा रही हैं। गुरुवार को पंडित अखिलेश शास्त्री ने बही दिखाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के तीर्थ पुरोहित होने का दावा किया था। उसके बाद दो और पुरोहित खुद को अटल जी का पुरोहित बताते हुए आगे आए गए। उनकी परंपरागत बहियों में भी अटल जी के परिवार का रेकॉर्ड दर्ज है। इसे लेकर असमजंस की स्थिति पैदा हो गई थी।

शुक्रवार को हर की पैड़ी निवासी तीर्थ पुरोहित शैलेश मोहन ने अपनी बही दिखाते हुए दावा किया कि अटल जी मूलरूप से आगरा के समीप स्थित बटेश्वर के रहने वाले थे। बटेश्वर एक छोटा सा तीर्थ है। यहां से अटल जी का परिवार ग्वालियर जाकर बस गया। ग्वालियर के पुरोहित अखिलेश शास्त्री हैं, जबकि बटेश्वर के पुरोहित होने के नाते अटल जी की पुरानी पीढ़ियों का रिकॉर्ड उनकी पोथी में दर्ज है। शैलेश मोहन ने बताया कि वे देशभर में फैले सभी वाजपेयी परिवारों के पुरोहित हैं। उधर, पंडित उपेंद्र भगत के अनुसार बटेश्वर गांव के पुरोहित वह हैं, इसलिए अस्थि प्रवाह वे कराएंगे। कनखल के पंडित अखिलेश शास्त्री ने सबसे पहले वाजपेयी जी के तीर्थ पुरोहित होने का दावा किया था।

बता दें कि हरिद्वार तीर्थ पर सैकड़ों पुरोहित कर्मकांड कराते हैं। ये पुरोहित देशभर के लोगों का रेकॉर्ड अपनी बही में रखते हैं। जब भी किसी की अस्थियां आती हैं तो उनके पुराने तीर्थ पुरोहित ही विसर्जन कराते हैं। अटल जी की अस्थियां रविवार को हर की पैड़ी पर गंगा में विसर्जित की जाएंगी। उधर, अस्थि विसर्जन के दौरान कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। इनमें केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र शामिल हैं। अस्थि विसर्जन में लगभग तीस हजार लोगों के उपस्थित होने का अंदाज स्थानीय पुलिस प्रशासन को है। अस्थिविसर्जन अस्थिकलश को एक यात्रा के रूप में शांतिकुंज से हर की पौड़ी लाया जाएगा।

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