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…अब वीएचपी तय करेगा राम मंदिर निर्माण का ‘खास प्लान’

लखनऊ

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने राम मंदिर मुद्दे को एकबार फिर से उछालना शुरू कर दिया है। वीएचपी की योजना के मुताबिक, 5 अक्टूबर को दिल्ली में संत समाज के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में संत समाज ही यह निर्धारित करेगा कि राम मंदिर मुद्दे पर अगला कदम क्या होना चाहिए। वीएचपी के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन से एनबीटी ऑनलाइन ने राम मंदिर मुद्दे पर आगामी तैयारियों को लेकर खास बातचीत की। वीएचपी नेता सुरेंद्र जैन के मुताबिक, ‘दिल्ली में 5 अक्टूबर को हाई पावर कमिटी ऑफ सेंट यानी उच्चाधिकार समिति की बैठक होगी। इसमें संत समाज यह निर्णय लेगा कि राम मंदिर मामले में आगे क्या होना चाहिए।’

कारसेवा के सवाल पर यह बोले वीएचपी नेता
डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया, ‘सर्वोच्च न्यायालय में पिछले 8 साल से मामला था। सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में कोई विशेष प्रगति नहीं दिखा पाया। रंगनाथ मिश्रा के रिटायरमेंट का भी समय आ गया है। अभी तक मूल केस पर सुनवाई भी नहीं शुरू हुई है तो हिंदू समाज के अंदर अधीरता का वातावरण बन गया है। राजनीतिक दल अपनी राजनीति कर रहे हैं। कभी कांग्रेस याचिका डालती है कि इसका जजमेंट आप 2019 के बाद दें। वह कानूनी पेच लगाकर मामले को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। इस विषय में हम संतों के पास जाना चाहते हैं क्योंकि हमने यह आंदोलन संतों के आदेश से शुरू किया था।’ क्या फिर से कारसेवा भी की जाएगी, इस सवाल के जवाब में वीएचपी नेता ने बताया, ‘इन सभी बातों का फैसला संत ही करेंगे।’

मिशन 2019 के लिए बीजेपी का मुद्दा मंदिर या विकास?
बहरहाल, 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बिसात पर क्या अयोध्या का राम मंदिर भी रखा जाएगा, इस बात को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। यही नहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस बार विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी या राम मंदिर पर, इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के साथ अपना मत स्पष्ट कर चुके हैं।

योगी ने बताया राम राज्य का मतलब
योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ‘हमारा मुद्दा स्पष्ट है…विकास और सुशासन। पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे देश के अंदर पहली बार सरकार के अजेंडे का हिस्सा गांव बने हैं, गरीब बने हैं, किसान बना है, नौजवान बना है, महिलाएं बनी हैं, समाज का वह दबा कुचला वर्ग बना है…जो शासन की योजनाओं से वंचित होता था। जिस व्यक्ति के सिर को ढकने के लिए छत नहीं थी, उसे छत दे दो, नौजवान को रोजगार दे दो। यही नहीं, जिन परिवारों में ईंधन का कोई साधन नहीं, वहां एलपीजी का कनेक्शन दे दो। ये जो कार्यक्रम हैं, किसी के घर में खुशहाली ला देना यही राम राज्य है।’

‘कांग्रेस डालती है राम मंदिर मामले में व्यवधान’
राम मंदिर के मामले में यूपी सीएम योगी ने कहा था, ‘मामला कोर्ट में है। फैसला आने दीजिए। जन भावनाओं का सम्मान हो, हमारी भी इच्छा है। जनभावना क्या चाहती है इसके बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। हमारी सरकार ने खुद सुप्रीम कोर्ट में इस बात को कहा है कि एक पक्ष है, जो नहीं चाहता कि इस समस्या का समाधान हो, जो नहीं चाहता देश में सौहार्द स्थापित हो। कांग्रेस के कपिल सिब्बल बार-बार व्यवधान डालते हैं। कांग्रेस और अन्य दल नहीं चाहते कि इस समस्या का समाधान हो। हम चाहते हैं कि इस समस्या का समाधान हो क्योंकि यह देश के सौहार्द, विकास और शांति के लिए आवश्यक है।’

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