कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन में दरार के दिखे आसार

मुंबई

लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन की तैयारी में लगी कांग्रेस-एनसीपी के बीच दरार पड़ने की खबर है। एनसीपी जहां 50-50 के फॉर्म्युले से कम पर बात करने के लिए तैयार नहीं है, वहीं कांग्रेस 50-50 के फॉर्म्युले पर कतई सहमत नहीं है। कांग्रेस के नेता कहते हैं कि एनसीपी जानती है कि 50-50 का फॉर्म्युला लागू नहीं किया जा सकता, फिर भी वह जानबूझकर जिद कर रही है। दूसरी ओर, एनसीपी के नेता का कहना है कि कुछ भी हो जाए महाराष्ट्र की कुल सीटों में आधी सीटें तो एनसीपी को चाहिए ही। बता दें कि महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें है।

2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने 26 और एनसीपी ने 22 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे जिसमें एनसीपी ने 4 सीटें जीती और कांग्रेस 2 सीटों पर ही सिमट गई थी। इसी फॉर्म्युले का हवाला देते हुए एनसीपी के नेता कहते हैं कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हमें कम सीटें दी फिर ही हमने कांग्रेस से ज्यादा सीटें जीती। ऐसे में देखा जाए तो एनसीपी को ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। दूसरी ओर कांग्रेस का तर्क है कि पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस की सीटें एनसीपी से ज्यादा आई। ऐसे में एनसीपी को ज्यादा सीटें कैसे ज्यादा दी जा सकती है। दोनों के बीच यह मनमुटाव महागठबंधन के लिए खतरे की घंटी बताया जा रहा है।

पवार ने रखा था 50-50 का फॉर्म्युला:
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी चाहते है कि पूरे देश में महागठबंधन बने। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस-एनसीपी का गठबंधन हो। दोनों मिलकर चुनाव लड़े ताकि बीजेपी को सत्ता से हटाया जा सके, लेकिन महाराष्ट्र में दोनों के बीच मतभेद भारी पड़ सकते हैं। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में दोनों दलों के बीच विवाद को देखते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर 50-50 फॉर्म्युला रखा था। स्वाभिमान शेतकरी संगठन के राजू शेट्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन में शामिल होने पर कम से कम दो सीटें इनके लिए भी छोड़नी होंगी।

तीन दिवसीय कांग्रेस की बैठक
एनसीपी के साथ मतभेद के चलते कांग्रेस ने लोकसभा की सभी 48 सीटों पर उम्मीदवारों की तलाश शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में पार्टी 15, 16 व 17 नवंबर को बैठक बुलाई है। बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस के पार्टी प्रभारी मल्लिकार्जुन खडगे सभी 48 सीटों के लिए इच्छुक उम्मीदवारों का साक्षात्कार करेंगे। वे उम्मीदवारों के चयन के लिए गठित कांग्रेस के पैनल में लोकसभावार पार्टी की स्थिति की भी समीक्षा भी करेंगे।

तीन राज्यों के चुनाव तक फैसला नहीं
दरअसल, कांग्रेस महागठबंधन पर फैसले को राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ इन तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजे आने तक लटका कर रखना चाहती है। इसके पीछे कांग्रेस की रणनीति है कि तीनों राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद एनसीपी से सीट शेयरिंग में वह मजबूत स्थिति में होगी क्योंकि तीनों राज्यों में उसे फायदा होगा। दूसरी ओर एनसीपी चाहती है सीट शेयरिंग का निर्णय जल्द से जल्द हो।

“अब तक एनसीपी के साथ सीटों का बंटवारा फाइनल नहीं हुआ है। कांग्रेस-एनसीपी के बीच 50-50 फॉर्म्युले पर सहमति की बातें सिर्फ अफवाह हैं। अभी भी दोनों दलों के नेताओं के बीच बातचीत चल रही है, जल्द ही सब फाइनल हो जाएगा।”–माणिकराव ठाकरे, पूर्व अध्यक्ष, महाराष्ट्र कांग्रेस

तीन दिन का अजेंडा
15 नवंबर: मराठवाडा क्षेत्र की बैठक- सुबह 10.30 से दोपहर 1.30 बजे तक,
पश्चिम महाराष्ट्र की बैठक दोपहर 2 बजे से शाम 5.30 बजे तक
16 नवंबर: विदर्भ क्षेत्र की बैठक- सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक
उत्तर महाराष्ट्र की बैठक दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक
17 नवंबर: कोकण क्षेत्र की बैठक- सुबह 10.30 से दोपहर 1 बजे तक

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