Wednesday , October 21 2020

केरल: केचुओं की मौत हो सकती है खतरे की घंटी

कोझिकोड

केरल में बाढ़ से फसल चौपट होने के बाद अब एक नई मुसीबत किसानों के सामने आ गई है। यहां के वयनाड और इडुक्की जिलों के कई गांवों में बड़ी संख्या में केचुओं के मरने के मामले सामने आ रहे हैं। इससे खेतों की मिट्टी को काफी नुकसान हो सकता है। साथ ही यह बात इस ओर भी इशारा करती है कि बाढ़ से मिट्टी की क्वॉलिटी में कितना फर्क आ गया है।

वयनाड जिले के कोलावयल के किसान सनमति राज ने पिछले हफ्ते अपने खेत में बड़ी संख्या में मरे हुए केचुएं देखे। उन्होंने बताया कि बारिश के वक्त उनका मिट्टी से बाहर आना आम है लेकिन बाढ़ के बाद से मौसम सूखा है। ऐसे में केचुएं के होने से आशंका होती है। वैज्ञानिक और राज्य सरकार इस बात को लेकर चिंता में हैं क्योंकि केचुओं के होने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और बाढ़ के ठीक के बाद उनकी मौतें आने वाले खतरे की घंटी हो सकती हैं।

तापमान में बढ़ोतरी एक कारण
इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में केचुओं के मरने की घटना 2016 में गर्मी के मौसम में वयनाड में सामने आई थी। तब ज्यादा मिट्टी के ज्यादा तापमान की वजह से ऐसा हुआ था। वहीं, इस बार बाढ़ के जाने के बाद दिन का तापमान 21 अगस्त को 22 डिग्री से गुरुवार को 29.4 डिग्री हो गया था। एमएस स्वामीनाथन रीसर्च फाउंडेशन के सीनियर डायरेक्टर एन अनिल कुमार ने बताया कि भारत में केचुएं 15 से 28 डिग्री तक तापमान सहन कर सकते हैं।

बाढ़ से मिट्टी पर असर
बताया गया है कि तापमान के अलावा बाढ़ के बाद मिट्टी में हुआ बदलाव भी केचुओं के मरने का कारण हो सकता है। एक टन मिट्टी में 5 किलो ऑर्गैनिक मैटर और 50 लीटर पानी होता है लेकिन बाढ़ के पानी के साथ ऑर्गैनिक मैटर बह गया जिस कारण मिट्टी में पानी रुकना बंद हो गया। सूखी मिट्टी के गर्म होने से केचुएं बाहर आने लगे।

महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के एस प्रसांथ नारायण ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट्स में पता चला है कि वयनाड के केचुओं की मौत शायद दिन-रात के तापमान में अंतर और मिट्टी के सूखने के कारण हुई है जबकि इडुक्की में भूस्खलन की वजह से हुए वाइब्रेशन से केचुओं की मौत हुई।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

बस एक शख्स की वजह से BJP छोड़ी… इस्तीफा दे फडणवीस को खूब सुना गए खडसे

मुंबई बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया है। …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!