Friday , October 23 2020

केरल सरकार की चूक से हुई बाढ़ त्रासदी: ओमन चांडी

तिरुवनंतपुरम

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा है कि राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के चलते हुई त्रासदी मौजूदा राज्य सरकार की स्थिति का अनुमान लगाने में सक्षम नहीं होने की कमी का नतीजा है। बता दें कि केरल में बाढ़ के कहर से अबव तक 431 लोगों की जान जा चुकी है। अब भी 10 लाख से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

चांडी ने कहा कि हालांकि, यह त्रासदी को राजनीतिक रंग देने का समय नहीं है, फिर भी वह यह कहने के लिए मजबूर हैं, जिसका संकेत खुद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने दिया है। चांडी ने कहा, ‘चूंकि मॉनसून का मौसम मई के अंत में शुरू हुआ था, इसलिए केरल के तीन हिस्सों में भारी बारिश हुई और इसके लिए बुनियादी योजना प्रक्रिया होनी चाहिए थी लेकिन किसी कारण से ऐसा नहीं हुआ और इसलिए त्रासदी ने राज्य को बुरी तरह से प्रभावित किया।’

मॉनसून ने मई के आखिरी सप्ताह में दस्तक दी थी और अगस्त के दूसरे सप्ताह तक तीनों भागों में भारी बारिश हुई। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह भारी चूक तब हुई जब सरकार बारिश के स्वरूप के अनुसार काम करने में नाकाम रही। अंत में, यह कहना आसान है कि इसे इस तरह से किया जाना चाहिए था और इस तरह से नहीं, लेकिन यह उस स्थिति में है, जहां सारे आंकलन गड़बड़ हो गए।’ राज्य के इतिहास में पहली बार, पिछले तीन महीनों के दौरान भारी बारिश के कारण 26 वर्षों के बाद इडुक्की बांध समेत 33 बांधों के द्वार खोलने पड़े।

चांडी ने कहा कि चूंकि इडुक्की बांध को पहले नहीं खोला गया था और अधिकारी अंतिम मिनट तक इंतजार करते रहे। इसलिए, वे स्थिति सही से नहीं संभाल पाएं, जिसके चलते जान-माल का काफी नुकसान हुआ। बारिश और बाढ़ की घटनाओं में राज्य में मरने वालों की संख्या अब 417 हो गई है। राहत शिविरों में शरण लिए लोगों ने अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया है। वहीं बाढ़ की वजह से करीब 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।

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