Thursday , October 22 2020

झारखंड में परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर फंदे से झूले दो भाई

कांके (रांची)

झारखंड की राजधानी रांची में आर्थिक तंगी के चलते एक ही परिवार के सात लोगों की आत्महत्या का मामला सामने आया है। इस परिवार के लोग बिहार में मुंगेर जिले के चिरैयाबाग के मूल निवासी थे। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। इससे पहले इसी माह हजारीबाग में एक ही परिवार के छह लोगों के शव मिले थे।

रांची में परिवार के मुखिया दीपक झा ने भाई के साथ मिलकर अपनी पत्‍‌नी, बेटा, बेटी और मां-पिता की हत्या कर दी। फिर दोनों सगे भाई फंदे पर झूल गए। कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे स्थित घर में सोमवार की सुबह सात शव बरामद किए गए। पुलिस की जांच और कमरे से बरामद 15 पन्ने के सुसाइड नोट के अनुसार पूरी घटना के पीछे प्रथम दृष्ट्या आर्थिक तंगी व भारी कर्ज का मामला सामने आ रहा है।

दीपक झा के बेटे का सिर जन्म से ही बड़ा था। सुसाइड नोट में जिक्र है कि उसके इलाज में 25 लाख रुपये खर्च हो चुके थे। यह परिवार मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के बरियारपुर स्थित चिरैयाबाद का रहने वाला था। वर्तमान में यह परिवार अरसंडे में सेवानिवृत्त सैनिक (एएमसी में मेल नर्स) अलख नारायण मिश्रा के मकान में किराए पर रहता था। आर्थिक तंगी के कारण मकान मालिक को पिछले पांच महीने से किराया भी नहीं दिया था। बहरहाल, पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है। हत्या और आत्महत्या के कारणों के साथ-साथ सभी ऐसे बिंदुओं की पड़ताल चल रही है जो मामले को संदिग्ध बना रहे हैं। वहीं, इस घटना पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले का जल्द उद्भेदन करने को कहा है।

रविवार की सुबह आठ बजे पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद मौके पर कांके पुलिस, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम, डॉग स्क्वायड, सीआइडी व विशेष शाखा की टीम पहुंची। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने करीब छह घंटे तक कमरे से फिंगर प्रिंट, चाकू आदि से साक्ष्य संकलित किया है, जिसे वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया है। सभी सात शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है। इस महीने एक ही परिवार के खत्म हो जाने की यह दूसरी घटना है। दो हफ्ते पूर्व हजारीबाग में इसी तरह महेश्वरी परिवार के छह सदस्य अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। पुलिस इस मामले में अभी इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

जानें, कौन कैसे मरा
– सच्चिदानंद झा (पिता) : उम्र 65 साल। डीजल शेड कंपनी पतरातू से सेवानिवृत्त। पेंशन भोगी थे। गला घोंटकर की गई है हत्या।
– गायत्री देवी (मां) : उम्र 62 वर्ष, गृहणी। गला रेतकर की गई है हत्या।
– सोनी देवी (पत्नी) : गृहणी। गला घोंटकर की गई है हत्या।
– दृष्टि झा (बेटी) : उम्र आठ साल। हेलो किड्स मैरी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ती थी। गला रेतकर की गई है हत्या। – जंगू झा (बेटा) : उम्र 13 महीने। जन्म से ही बीमार। गला घोंटकर हत्या की गई है। सिर में पानी भरने व आंख की बीमारी भी थी। पड़ोसियों के अनुसार, करीब 15 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी कोई सुधार न था। मेडिका में चल रहा था इलाज।
– दीपक झा : उम्र 35 वर्ष, घर का एक मात्र कमाने वाला। मेन रोड में फर्नीचर दुकान में सेल्समैन। फांसी पर लटका मिला शव।
– रूपेश झा (छोटा भाई) : उम्र 27 वर्ष। बेरोजगार। छोटा-मोटा ऑनलाइन व्यवसाय में कोई काम करता था। फांसी पर लटका मिला शव।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

बिना अनुमति के रखी दाढ़ी, चेतावनी के बाद भी नहीं हटाई, सस्पेंड हुए दारोगा जी

बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक दारोगा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!