Tuesday , October 20 2020

पाटीदार आरक्षण: 18 दिन बाद हार्दिक पटेल ने तोड़ा अनशन

अहमदाबाद

गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अपने समुदाय के लिए आरक्षण और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग को लेकर बीते 18 दिनों से जारी अनशन को खत्म करने का ऐलान किया है। हार्दिक 25 अगस्त से अपने आवास पर अनशन पर बैठे हुए थे। पाटीदार समुदाय के नेता सीके पटेल, नरेश पटेल, जेराम पटेल ने हार्दिक को नींबू पानी और नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।

हार्दिक ने बुधवार दोपहर 3 बजे के बाद अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की। इस दौरान हार्दिक ने अनशन में सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। हार्दिक ने कहा कि उनके साथ ही समाज के कई लोग अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। हार्दिक ने दावा किया कि इस अनशन ने समाज की एकता को और मजबूती दी है। इस दौरान हार्दिक ने अपने समाज के वरिष्ठ लोगों से अपील की कि वे इस लड़ाई में उनका साथ दें।

हार्दिक ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सम्मान में वह अपना अनशन खत्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने समाज के वरिष्ठ लोगों के सामने झुक सकते हैं लेकिन सरकार के सामने कभी नहीं झुकेंगे।

इससे पहले ट्वीट के जरिए हार्दिक ने कहा था कि पाटीदार समाज के लोगों ने उनसे जिंदा रहकर लड़ाई जारी रखने की अपील की थी, लिहाजा वह अनशन तोड़ने जा रहे हैं। बता दें कि उन्‍हें रविवार को शहर के एक प्राइवेट हॉस्‍प‍िटल से ड‍िस्‍चार्ज कर द‍िया गया था। इसके बाद वह अपने ग्रीनवुड रिजॉर्ट स्‍थ‍ित छत्रपत‍ि न‍िवास पर पहुंचे थे और उन्होंने अनशन जारी रखने की घोषणा की थी।

हार्दिक ने बुधवार दोपहर ट्वीट किया, ‘किसानों और समाज की कुलदेवी श्री उमिया माताजी मंदिर ऊंझा और श्री खोड़ल माताजी मंदिर कागवड के प्रमुख लोगों ने मुझे कहा कि तुम्हें जिंदा रहकर लड़ाई लड़नी है। सब का सम्मान करते हुए अनिश्चितकालिन उपवास आंदोलन के आज उन्नीसवें दिन दोपहर तीन बजे मैं उपवास आंदोलन खत्म करूंगा।’

बता दें कि आरक्षण और कर्जमाफी को लेकर पाटीदार नेता हार्द‍िक पटेल के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर आ चुके हैं। पाटीदार समुदाय के लोगों ने मेहसाणा जिले के पाटन से ऊंझा तक हार्द‍िक के समर्थन में मार्च भी न‍िकाला था। हार्द‍िक के समर्थन में कांग्रेस के एमएलए लल‍ित वसोया और आशा पटेल ने भी पद यात्रा न‍िकाली।

हार्द‍िक पटेल 25 अगस्‍त से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि क‍िसानों के कर्ज माफ क‍िए जाएं और सरकारी नौकर‍ियों में पाटीदार समुदाय के लोगों को आरक्षण म‍िले। हालांकि किसी मांग पर आश्वासन मिले बिना अनशन तोड़ने के बाद उनकी आगे की रणनीति क्या होगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

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