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बेटी पढ़ाओ: 59 साल के बीजेपी MLA बने स्टूडेंट

जयपुर

राजस्थान के उदयपुर ग्रामीण से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक फूल सिंह मीणा ने अपने विधानसभा क्षेत्र की लड़कियों को शिक्षित कराने की मुहिम चलाई। इसके बाद उन्होंने अपनी पांच शिक्षित बेटियों के कहने पर खुद भी दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। यही नहीं, विधायक फूल सिंह अब स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं।

59 वर्षीय मीणा ने मीडिया को बताया कि सेना में कार्यरत पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी के बोझ के चलते उन्होंने मजबूरी में पढ़ाई छोड़कर खेती करना शुरू कर दिया और अपने परिवार के पालनपोषण में जुट गए। फूल सिंह मीणा कहते हैं, ‘वर्ष 2013 में राजनीति में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम के तहत आदिवासी क्षेत्र की लड़कियों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया और एससी वर्ग की बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर विधायक कोष से उदयपुर से जयपुर की हवाई यात्रा कराने का ऐलान किया।’

‘योजना के मिले उत्साहवर्द्धक परिणाम’
मीणा के मुताबिक, ‘वर्ष 2016 में दो छात्राओं के 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर उन्हें निशुल्क हवाई यात्रा कराई गई, जबकि 2017 में छह छात्राओं को निशुल्क हवाई यात्रा के साथ-साथ मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों से मुलाकात और विधानसभा भवन का भ्रमण करवाया गया।’ मीणा का कहना है कि इस योजना के शुरुआती परिणाम बहुत उत्साहवर्द्धक हैं और अब इलाके में लड़कियों की शिक्षा के स्तर में सुधार आने लगा है। अब उन्होंने इस योजना का दायरा एससी वर्ग की बालिकाओं से बढ़ाकर सामान्य वर्ग कर दिया है। साथ ही घोषणा की है कि इस वर्ष उनके विधानसभा क्षेत्र से किसी भी वर्ग की लड़की के यदि 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेगी तो उसे निशुल्क हवाई यात्रा करवाई जाएगी।

….और खुद शुरू कर दी पढ़ाई
विधायक फूल सिंह मीणा का कहना है, ‘दूसरों को शिक्षा की ओर प्रेरित करते समय उन्हें खुद का शिक्षित न होना बहुत कचोटता था। बचपन में वह सिर्फ सातवीं कक्षा तक पढ़ाई कर पाए थे। उनकी इस दुविधा के बीच उनकी बेटियों ने उन्हें फिर से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और वह इस भूले बिसरे रास्ते पर फिर से निकल पड़े।’ उनका कहना है कि बेटियों ने वर्ष 2013 में ओपन स्कूल से 10वीं कक्षा के लिए फॉर्म भरवा दिया, लेकिन विधायक बनने के बाद व्यस्तता की वजह से वह 2014 में परीक्षा नहीं दे पाए, बेटियों ने 2015 में फिर से फॉर्म भर दिया और उन्होंने 10वीं की परीक्षा पास कर ली।

‘जनप्रतिनिधि का शिक्षित होना जरूरी’
वर्ष 2016-2017 में वह 12वीं पास कर गए और अब वह स्नातक स्तर की शिक्षा के पहले वर्ष की परीक्षा दे चुके हैं। मीणा बताते हैं कि अब वह पूरे उत्साह से अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वह लड़कियों को शिक्षा के प्रोत्साहित करने के दौरान लोगों को यह भी बताते हैं कि वह इस उम्र में पढ़ाई कर रहे हैं। हाल ही में समाजशास्त्र, राजनीतिक विज्ञान और हिंदी साहित्य विषयों के साथ बी.ए. प्रथम वर्ष कला की परीक्षा देनेवाले मीणा का मानना है कि अगर जनप्रतिनिधि शिक्षित होगा तभी वह पूरी ईमानदारी से अन्य लोगों को शिक्षित होने के लिए प्रेरित कर सकेगा।

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