राम मंदिर केस कोर्ट से बाहर सुलझाने को मुस्लिम पक्षकार की चिट्ठी

लखनऊ,

राम मंदिर पर मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने बड़ी पहल की है. उन्होंने अयोध्या मामले को अदालत के बाहर सुलझाने की पहल करते हुए आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर को एक चिट्ठी लिखी है.  चिट्ठी में हाजी महबूब ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर के अयोध्या मुद्दे को आपसी भाईचारे से हल करने के प्रयासों से हम भली-भांति परिचित हैं. हमारा मानना है कि अयोध्या मुद्दे का अदालत से बाहर किया गया फैसला ही हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच एक लंबे समय तक शांति, सौहार्द और सद्भाव कायम कर सकता है. हम उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हैं और पूर्ण रूप से उनका समर्थन करते हैं.

गौरतलब है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन का विवाद अभी भी कोर्ट में चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को इस मामले की तेजी से सुनवाई करने के लिए अपील की गई थी. ये अपील अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने दाखिल की थी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई जल्द करने से इनकार कर दिया.

चीफ जस्टिस का कहना है कि उन्होंने पहले ही इस मामले में तारीख दी हुई है. गौरतलब है कि इस मुद्दे पर इससे पहले 29 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी. इस सुनवाई में चीफ जस्टिस ने सुनवाई टाल दी थी और जनवरी, 2019 की तारीख दी थी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाने से संत समाज में काफी रोष पैदा हुआ था.आपको बता दें कि इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई समेत जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के. एम जोसफ की पीठ कर रही है.

क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला?
हाई कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने 30 सितंबर, 2010 को 2:1 के बहुमत वाले फैसले में कहा था कि 2.77 एकड़ जमीन को तीनों पक्षों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला में बराबर-बराबर बांट दिया जाए. इस फैसले को किसी भी पक्ष ने नहीं माना और उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी थी.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में ये केस बीते 8 साल से है. 2019 के आम चुनावसे पहले इस मसले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है.हालांकि, इस मामले में कोर्ट का फैसला कब तक आ पाएगा ये नहीं कहा जा सकता, लेकिन राम मंदिर निर्माण के पक्षकारों और इसका समर्थन करने वाले दलों ने स्वर तेज कर दिए हैं. बीजेपी नेता इस मामले की जल्दी सुनवाई का आह्वान कर रहे हैं. इन सबके बीच मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब का ये बयान काफी मायने रखता है.

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