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लखनऊ शूटआउट: सांत्वना की सियासत जारी, सोनिया ने की विवेक की पत्नी से बात

नई दिल्ली,

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते शुक्रवार शूटआउट का शिकार बने एपल मैनेजर विवेक तिवारी की मौत के बाद राजनीतिक स्तर पर लोगों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है. राजनेताओं का मृतक विवेक की पत्नी के साथ मिलने या फिर बातचीत कर सांत्वना देने का सिलसिला जारी है.

सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एपल मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी से मिलने उनके घर गए. अब यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी उनसे फोन पर हालचाल लिया.

राज्य की सियासत में इस निर्मम हत्या के बाद हर दल खुद को इस पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होता दिखाने की कोशिश कर रहा है. इसी सिलसिले में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस परिवार से मिलने उसके घर गया. इस प्रतिनिधिमंडल में किशोरी लाल शर्मा और एमएलसी दीपक सिंह सोनिया गांधी के प्रतिनिधि के रूप में गए और उन्होंने न सिर्फ विवेक की विधवा का हाल जाना बल्कि उन्होंने सोनिया के साथ उनकी फोन पर बात भी कराई.

इससे पहले आज सुबह मृतक विवेक की पत्नी कल्पना और साला विष्णु मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. रविवार को मुख्यमंत्री ने कल्पना तिवारी से फोन पर बात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था.

बाद में सपा अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी विवेक तिवारी के परिवार से मिलने पहुंचे. अखिलेश ने मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें न्याय के लिए कोर्ट से खुद ही संज्ञान लेने की आशा है. साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार के लिए 5 करोड़ की आर्थिक मदद और सहयोग देने की मांग की. उनके बाद एसआईटी चीफ और आईजी लखनऊ सुरजीत पांडे भी उनके घर पहुंचे.

मुख्यमंत्री योगी से पहले राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री भी कल्पना तिवारी से मुलाकात कर चुके हैं. योगी ने फोन पर उन्हें कहा था कि डिप्टी सीएम के जरिए वह किसी भी तरह की मदद मांग सकती हैं.

मुख्यमंत्री से मिलने के बाद कल्पना तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें 25 लाख रुपये का मुआवजा, दोनों बेटी और विवेक की मां के लिए 5-5 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपोजिट (एफडी) देने का फैसला किया है. इसके अलावा राज्य सरकार परिवार के लिए आवास की भी व्यवस्था करेगी.

यह घटना बीते शुक्रवार (28 सितंबर, 2018) देर रात की है. आरोप लगाया जा रहा है कि यूपी पुलिस की गोली लगने से विवेक की तिवारी की मौत हो गई. हत्या के दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को जेल भी भेज दिया गया है. हालांकि, आरोपी का दावा है कि विवेक ने उसके ऊपर कार चढ़ाने की कोशिश की और आत्मरक्षा में उसे फायर करनी पड़ी. दोनों पुलिसकर्मियों को जेल भेज दिया गया है, साथ ही दोनों को नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया है.

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