Wednesday , October 21 2020

हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी पर बवाल, आगजनी

सूरत

अहमदाबाद में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी के बाद नाराज समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया। आक्रोशित समर्थकों ने रविवार को पाटीदार बहुल इलाकों में बीआरटीएस की बसों को निशाना बनाते हुए पत्थरबाजी की। देर शाम पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS)के सदस्यों ने योगी चौक के पास बीआरटीएस को आग के हवाले कर लिया और पुणे-सिमादा रोड पर बीआरटीएस बस स्टॉप पर जमकर तोड़फोड़ की। स्थित की गंभीरता को देखते हुए सिटी पुलिस अलर्ट रही क्योंकि देर रात तक पास के सदस्य सड़कों पर ही थे।

इनमें से कुछ कार्यकर्ताओं ने योगी चौक के पास पुलिस पर भी पथराव किया। पुलिस पर हुए हमले के बाद सुरक्षाबलों ने भी योगी चौक के पास उपद्रवियों को वहां से भगाने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया। इसमें एक युवक घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हार्दिक की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे पाटीदार अमानत आंदोलन समिति के सदस्यों ने वारछा रोड पर कूड़े के कंटेनर पलटा दिए और बीच सड़क पर प्रदर्शन कर ट्रैफिक जाम कर दिया, पुलिस ने सदस्यों पर ऐक्शन लेते हुए इन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने PAAS के 42 कार्यकर्ताओं को मानगढ़ चौक से रविवार को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें हजीरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

‘गिरफ्तार नहीं, हिरासत में लिए गए हैं सदस्य’
‘पास’ के संयोजक धार्मिक मालवीय ने बताया, ‘कुछ लोग हार्दिक की गिरफ्तारी के खिलाफ धरने पर बैठना चाहते थे लेकिन उन्हें इजाजत नहीं दी गई। हालांकि, हमारे समर्थकों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क में हूं और जो पकड़े गए हैं उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालने की कोशिश कर रहा हूं।’ बता दें कि धार्मिक मालवीय को अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, रात में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। जोन वन के डेप्युटी कमिश्नर का कहना है, ‘हमने 42 लोगों को हिरासत में लिया है। स्थिति सामान्य होने पर उन्हें छोड़ दिया जाएगा। उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है।’

बदला गया बसों का रूट
प्रदर्शन की वजह से गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (जीएसआरटीसी) की बसों को रास्ता बदल दिया गया जबकि वारछा से कामरेज जानेवाले बीआरटीएस रूट पर बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए 700 से ज्यादा जीएसआरटीसी बसों का रूट भी बदला गया है। गौरतलब है कि मेहसाणा के विसनगर में 23 जुलाई 2015 बीजेपी के विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोड़फोड़ किया गया था। इससे पहले मेहसाणा की जिला अदालत ने 2015 में पटेल के ऑफिस पर हुए हमले के मामले में हार्दिक पटेल, एके पटेल और लालजी पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया था। अब अदालत ने हार्दिक पटेल, एके पटेल और लालजी पटेल को दोषी ठहराया है।

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