Wednesday , September 23 2020

J&K: ISI की साजिश, सिर उठा रहा अल-बद्र

त्राल

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए हमले को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, घाटी में एक बार फिर एक बड़ा आतंकी खतरा मंडराने लगा है। इंटेलिजेंस एजेंसियों को मिली ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-बद्र नाम का कट्टरपंथी गुट एक बार फिर सिर उठा रहा है। अल-बद्र के अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी से नजदीकी संबध माने जाते हैं। बता दें कि जमात-ए-इस्लामी को हाल ही में प्रतिबंधित कर दिया गया है।

जैश के पुराने काडर को अल-बद्र में जगह
सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) अल-बद्र को मजबूत करने में जुट गई है ताकि उसके जरिए घाटी में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके। इसके लिए जैश के पुराने काडर को कथित रूप से अल-बद्र में शामिल किया जा रहा है। एक सीनियर अधिकारी ने हमारे सहयोगी अखबार मुंबई मिरर को बताया है, ‘अल-बद्र ने खैबर पख्तूनख्वा में रिक्रूटमेंट चालू कर दिया है। यह वही इलाका है जहां भारतीय वायुसेना ने एयर स्ट्राइक की थी।’

घाटी में जिहाद की आवाज
सूत्रों की मानें तो यह घाटी में आईएसआई की रणनीति में एक बड़ा बदलाव है। अल-बद्र को दोबारा खड़ा करने के पीछे एक कारण यह भी है कि उसमें अभी ऐसे कई पुराने लोग हैं जो उसके साथ तबसे जुड़े हैं, जब से वह घाटी में उभार पर था। इसके मुखिया बख्त जमीन खान ने जम्मू-कश्मीर में जिहाद की आवाज उठाई है। पिछले महीने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जमीन ने कहा था कि यह गुट कश्मीर की आवाज बनेगा और भारत के खिलाफ जंग छेड़ेगा।

90 के दशक में था सक्रिय
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अल-बद्र को जैश, हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन मिला है। गुलजार अपने संगठन को खड़ा करने की कोशिश कर रहा है क्योंकि दूसरे संगठनों में नेतृत्व की कमी हो गई है। अल-बद्र का मुख्यालय मनशेरा में स्थित है। यह संगठन दक्षिण और उत्तर कश्मीर में 90 के दशक की शुरुआत में सक्रिय हुआ था। पुंछ जिले में भी कुछ हद तक इसकी मौजूदगी दर्ज की गई थी।

पुलवामा का रहनेवाला है कमांडर गुलजार
हाल ही में आतंकी संगठन ने एक विडियो जारी कर और भी हमलों की चेतावनी दी थी। अल-बद्र कमांडर लोगों से उसमें शामिल होने के लिए कह रहा है। संगठन ने भारतीय एयर स्ट्राइक के जवाब में भारतीय पायलट को कैद करने के लिए पाकिस्तानी सेना की भी तारीफ की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक घाटी में अल-बद्र का नया कमांडर अर्जुमन गुलजार है। वह पुलवामा के रत्नीपोरा गांव का रहने वाला है। एक जांच में उसके नाम शामिल होने के बाद वह आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य बन गया और अब संगठन को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।

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