Tuesday , October 20 2020

अयोध्याः राम मंदिर भूमि पूजन के बाद प्रॉपर्टी के रेट हुए दोगुने

अयोध्या

कोरोना वायरस महामारी के चलते शहरों में प्रॉपर्टी के दाम गिर गए हैं। लगभग पूरे देश का यही हाल है। हालांकि उत्तर प्रदेश का आयोध्या ऐसा शहर हैं जहां प्रॉपर्टी के रेट बीते एक महीने में दोगुने हुए हैं। पिछले महीने अगस्त में यहां राम मंदिर के लिए भूमि पूजन हुआ था, उसके बाद से प्रॉपर्टी के रेट में बड़ा उछाल आया है। वहीं जानकारों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट का आदेश नौ महीने पहले आया था। तब ही प्रॉपर्टी के रेट 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गए थे।

प्रॉपर्टी कंसल्टेंट ऋषि टंडन ने बताया, ‘अयोध्या में प्रॉपर्टी के रेट 1000 से 1500 प्रति स्क्वॉयरफीट हो गए हैं। वहीं कस्बे के बीच प्रॉपर्टी के रेट 2000 से 3000 रुपये प्रति स्क्वॉयरफीट हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पहले यहां पर जमीन 900 रुपये स्क्वॉयफीट पर आसानी से मिल जाती थी।’

सीएम की घोषणा के बाद आ रहे हैं प्रॉजेक्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में इंटरनैशनल एयरपोर्ट बनाने, थ्री स्टार होटल और कई इंफ्रास्ट्रक्टर प्रॉजेक्ट की घोषणा की है। सीएम को घोषणा के बाद अचानक अयोध्या में जमीनें खरीदने वालों की संख्या बढ़ गई है। कई कारोबारी निवेश के लिए और अपना प्रॉजेक्ट शुरू करने के लिए जमीनें खरीदना चाहते हैं।

कभी 300 रुपये प्रति स्क्वॉयरफीट होती थी जमीन
बीते कुछ दशकों से अयोध्या राजनीति का केंद्र है। लोगों का अयोध्या पर विश्वास है। यहां पर सबसे नजदीक अच्छा होटेल 6 किलोमीटर दूर है। यहां पर सुविधाओं की कमी के चलते शहर के बाहर जमीनों के रेट 300 से 450 रुपये प्रति स्क्वॉयरफीट हुआ करते थे।

इन्हें नहीं होगा फायदा
अयोध्या में सरकार भी कई प्रॉजेक्ट शुरू करने के लिए जमीनें अधिग्रहीत कर रही है। कहा जा रहा है कि कई लोग इस कारण भी जमीनें खरीद रहे हैं। वे जमीनों को सरकार को देंगे और उससे उन्हें मुनाफा होगा। हालांकि कई लोग यह नहीं जानते कि यदि नए जमीन के खरीदार वर्तमान सर्कल दरों के अनुसार भुगतान किया जाता है, तो इससे वृद्धि नहीं होगी। उन्हें बड़ा नुकसान होगा।

नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल की है नजर
प्रॉपर्टी एजेंट सौरभ सिंह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन ने पहले ही ही कई जमीनों की रजिस्ट्रियां रख ली हैं। कई महीनों का मालिकाना हक विवादित है। कई प्लॉट सरयू के पास वेडलैंड वाले हैं जिन पर नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल की नजर है। कुछ लोग संपत्ति वास्तव में धार्मिक उद्देश्य के लिए चाहते हैं। वे चाहते हैं जमीनों पर धर्मशाला, सामुदायिक किचन और जन सुविधाएं मुहैया करवाएं।

‘कई ब्यूरोक्रेट्स ने खरीदीं बेनामी प्रॉपर्टी’
दिल्ली के एक प्रॉपर्टी डीलर इमरान ने बताया कि वह हैरान हैं। अचानक से पूरे देश से लोग अयोध्या में संपत्ति खरीदने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं। महामारी के चलते जहां अन्य हिस्सों में संपत्ति के रेट गिर गए हैं वहीं अयोध्या के रेट में उछाल आया है। अयोध्या यूनिवर्सिटी के एग्जिक्युटिव काउंसलर ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि कई टॉप ब्यूरोक्रेट्स, पुलिस अधिकारी और राजनीतिक लोग अयोध्या में जमीन खरीद रहे हैं। इन बेनामी प्रॉपर्टी खरीदने के कारण रेट ज्यादा हो गए हैं।

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