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900 बच्चों की मौत मामले में पहले हुई थी कार्रवाई, राजस्थान का यह मेडिकल अफसर अब घूसकांड में फंसा

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कोटा

देशभर में दो साल पहले नवजात शिशुओं की मौत से सुर्खियों में आया राजस्थान का कोटा जेकेलोन अस्पताल एक फिर चर्चा में है। शुक्रवार को यहां कोटा एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की और जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एचएल मीणा को पचास हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने डॉक्टर के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। ASP विजय स्वर्णकार ने कहा कि एसीबी को परिवादी ठेकेदार ने शिकायत दी थी। ठेकेदार के अनुसार उन्होंने जेके लोन अस्पताल में निर्माण कार्य किया था, जिसका 30 लाख रुपये का बिल बकाया था। इस बिल को क्लीयर करने की एवज में अधीक्षक डॉ. एचएल 1 लाख 70 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।

एसीबी ने परिवाद दर्ज होने के बाद शिकायत का सत्यापन किया। इसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रेप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार डॉ.मीणा ने परिवादी को रिश्वत लेकर अपने घर पर बुलाया। डॉ.मीणा आरकेपुरम इलाके में एक किराए के मकान में रहता है। यहां पर जैसे ही परिवादी से रिश्वत की राशि ली। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए डॉ मीणा को दबोच लिया। साथ ही रिश्वत की राशि बरामद कर ली।

एसीबी के एएसपी स्वर्णकार ने कहा, परिवादी ने शिकायत में बताया है कि डॉ . मीणा बिल को पास करने की एवज में प्रति माह 40 हजार की रिश्वत मांग रहा है। इसका जब सत्यापन करवाया। डॉ . मीणा ने रिश्वत में कुल 1 लाख 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की राशि की पहली किस्त लेते डॉ . मीणा गिरफ्तार हुए हैं।

1 महीने में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत
बता दें कि इससे पहले नवजातों की मौत के दौरान जेके लोन अस्पताल में साल 2020 में बच्चों की मौत का मामला उछला था। 100 से ज्यादा बच्चों की मौत 1 महीने में हो गई थी। 900 बच्चों की मौत पूरे साल में हुई थी। इस दौरान राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए हाल ही घूसकांड में पकड़े गए डॉ मीणा को अधीक्षक पद से हटा दिया था। उन्होंने कुछ समय बाद अजमेर ट्रांसफर भी करवा लिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने डॉ . एस.सी दुलारा को अधीक्षक बनाया था, लेकिन 2021 में भी बच्चों के मौत का मामला दोबारा उछला, तो डॉ . दुलारा को हटाकर डॉ अशोक मूंदड़ा को अधीक्षक बना दिया गया था।

डॉ. मीणा ने इस घूसकांड के मामले एसीबी कर रही पूछताछ
डॉ मूंदड़ा ने भी कुछ महीने बाद ही पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अधीक्षक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अजमेर से कोटा ट्रांसफर करवाकर डॉ . एचएल मीणा फिर से जे के लॉन अस्पताल के अधीक्षक बन गए थे। मीणा सीनियर प्रोफेसर है, उनके पास एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी का चार्ज भी है। एसीबी अब डॉ. मीणा ने इस घूसकांड के मामले में पूछताछ कर रही है।

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