चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा अपनी कमियों की जिम्मेदारी लेने के बजाय हमेशा दूसरों पर दोष मढ़ती है।
सीएम मान ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के अनुसार देश में जो कुछ भी गलत हुआ है, उसके लिए नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री और यहाँ तक कि डॉ. अंबेडकर का बनाया संविधान जिम्मेदार है। उन्होंने कटाक्ष किया, “चंडीगढ़ में जो भी गलत होता है, उसके लिए भगवंत मान को दोषी ठहराया जाता है और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को। भाजपा खुद कभी किसी बात की जिम्मेदारी नहीं लेती। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि नरेंद्र मोदी को सत्ता में 24 साल (12 साल गुजरात और 12 साल केंद्र) हो गए हैं।
उन्होंने सवाल किया कि दो करोड़ नौकरियों, 15 लाख रुपये देने और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने जैसे वादों का क्या हुआ? उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “पीएम ने कहा था कि उनकी तपस्या में कमी रह गई, अब तो वह तपस्या पूरी हो गई होगी, फिर भी किसानों को एमएसपी क्यों नहीं मिली?” मुख्यमंत्री ने पंजाब भाजपा के नेताओं—सुनील जाखड़ और कैप्टन अमरिंदर सिंह—पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा दूसरों के कंधों पर बंदूक रखकर चलाती है। अब उन्होंने जाखड़ और कैप्टन के कंधों का सहारा लिया है। ये नेता इधर कांग्रेस की अर्थी को कंधा देकर गए और वहां भाजपा की बंदूक को कंधा दे रहे हैं।
चंडीगढ़ भाजपा दफ्तर पर हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा के सवाल पर मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस हमेशा चंडीगढ़ पुलिस और सेना का सहयोग करती है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब पुलिस आरोपियों को पकड़ती है, तो इसमें भगवंत मान को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। हम गैंगस्टरों और आतंकियों को वापस लाने के लिए गृह मंत्रालय का भी पूरा सहयोग करते हैं। वहीं, आढ़तियों के मुद्दे पर उन्होंने दोटूक कहा कि जिन्हें हरियाणा की व्यवस्था बेहतर लगती है, वे वहां जाकर काम कर सकते हैं, क्योंकि पंजाब का उत्पादन और सुविधाएं हरियाणा से कहीं बेहतर हैं।
