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Tuesday, December 9, 2025
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बृजेश पाठक इस्तीफा दें! झांसी मेडिकल कॉलेज के अग्निकांड पर सपा का योगी सरकार पर हमला

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झांसी

उत्तर प्रदेश की झांसी जिले में स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू वार्ड में शुक्रवार रात को आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में 10 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। शार्ट सर्किट की वजह से आग लगने की बात सामने आ रही है। इस हृदयविदारक घटना ने सबको झंकझोर कर रख दिया है। साथ ही सरकारी तंत्र की लापरवाही को उजागर कर दिया है। वहीं इस घटना को लेकर सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोल दिया है। सपा महिला सभा की अध्यक्ष जूही सिंह ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांग लिया है। बता दें, प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के पास है।

दरअसल झांसी के मेडिकल कॉलेज में एनआईसीयू में लगी आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में संज्ञान ले लिया है। सीएम योगी के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को झांसी भेज दिया गया है। साथ ही इस मामले में जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि झांसी में आग लगने के कारण NICU में मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत हुई है दरअसल सरकार द्वारा अनहोनी की गई हत्या है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री खुद जिम्मेदार हैं और उनको तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

सपा नेत्री जूही सिंह ने कहा कि लखनऊ में भ्रष्टाचार में डूबे बैठे जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड कर देना चाहिए। सपा नेत्री ने कहा कि सपा पीड़ितों के साथ खड़ी है। झांसी मेडिकल कॉलेज में धुआं निकालने तक के इंतजाम नहीं थे। वहां बहुत सारे ऑक्सीजन सिलेंडर आउटडेटेड थे। क्या सीएम योगी को ये सब पता नहीं चलता है। ये सरकार पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है। सपा नेता जूही सिंह ने आगे कहा कि स्वास्थ्य मंत्री जो प्रचार मंत्री है उन्हें इस्तीफा देकर और अधिकारियों को सस्पेंड करके झांसी जाना चाहिए था।

वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अस्पताल में जिस तरह 10 मासूम बच्चों की प्रशासन की लापरवाही से जान गई है, ये हृदय विदारक है। मासूमों के साथ परिवार का कोई भी नहीं था। जिम्मेदारी अस्पताल और प्रशासन की थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि जो आग बुझाने का प्लांट लगा था, वो एक्सपायरी था और ये सब जांच का विषय है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि जिस ICU में यह हादसा हुआ, उसे चंद महीने पहले ही World class बताकर शुरू किया गया था लेकिन यहां यह भयावह घटना हुई है।

संजय सिंह ने कहा कि हॉस्पिटल में लगे आग बुझाने वाले यंत्र 2020 से काम करना बंद कर चुके थे। इससे आप जान सकते हैं कि लापरवाही की पराकाष्ठा क्या है। आज पीड़ित परिवार सड़क पर खड़ा है। उनके परिवार को एक-एक करोड़ मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं नगीना से सांसद चन्द्रशेखर आजाद ने कहा कि घटना में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। साथ ही, मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए किसी रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र जांच कमेटी का गठन किया जाए। इस दुखद घटना से सबक लेते हुए, प्रशासन को अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना चाहिए।

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