6.4 C
London
Friday, February 13, 2026
Homeराज्यBSF का रसोइया रह चुका शख्स निकला 100 करोड़ की ठगी का...

BSF का रसोइया रह चुका शख्स निकला 100 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक पूर्व रसोइए को गिरफ्तार किया है. पकड़ में आए आरोपी ने महज कुछ ही दिनों BSF इसलिए छोड़ दी थी कि वह अमीर बनना चाह रहा था. अमीर बनने के लिए उसने ठगी का रास्ता चुना और 100 करोड़ की ठगी को अंजाम देकर फरार हो गया. 2008 से 2011 के बीच दर्ज हुए 49 मामलों में राजस्थान पुलिस को ओमा राम की तलाश थी. आरोपी को 46 मामलों में भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है. लेकिन ये शातिर पुलिस को चकमा देने के लिए न सिर्फ अपना नाम बार-बार बदल रहा था, बल्कि शहर भी बदल रहा था. दिल्ली पुलिस ने 6 महीने की कोशिश के बाद ओमा राम को गिरफ्तार कर लिया.

दरअसल, राजस्थान के जोधपुर निवासी ओमा राम को साल 2004 में बीएसएफ में कुक की नौकरी मिली थी. लेकिन 2 साल बाद ही ओमा राम ने यह नौकरी छोड़ दी, क्योंकि उसे जल्दी अमीर बनना था.

नौकरी छोड़ने के बाद ओमा राम ने साल 2007 में अपनी सिक्योरिटी कंपनी शुरू की, और उसमें 60 लोगों को भर्ती किया. फिर इस कंपनी को इसने एक्स सर्विसमैन राकेश मोहन को बेच दिया. इसके बाद 2007 में ही इसने एक एमएलएम कंपनी में एजेंट की नौकरी शुरू की. यहां करीब डेढ़ करोड़ कमाने के बाद उसने यहां भी नौकरी छोड़ दी, और 2009 में आरोपी ने एक अपनी लिमिटेड कंपनी खोली और खुद मैनेजिंग डायरेक्टर बना.

यह कंपनी नए सदस्यों के जुड़ने पर कमीशन देती थी. हर सदस्य को 4000 रुपये जमा करने थे., बदले में उन्हें 400 रुपये का एक सफारी सूट मिलता था. हर मेंबर को कमीशन प्राप्त करने के लिए कम से कम 10 और सदस्यों से जुड़ना पड़ता था. सदस्यों को उनके निवेश पर सुनिश्चित रिटर्न की भी गारंटी दी गई थी. लगातार 1 साल तक हर महीने 2 लाख का बिज़नेस देने वाले को इनाम में एक साल बाद बाइक दी जाती थी. इस तरह हजारों सदस्य जुड़ गए और कंपनी ने लोगों को 100 करोड़ का चूना लगा दिया. कुछ समय बाद कंपनी ने कमीशन देना बंद कर दिया.

साल 2011 में कंपनी के खिलाफ कई क्रिमिनल केस राजस्थान में दर्ज हो गए. इसके बाद ओमा राम वहां से फरार हो गया. और इंदौर पहुंच गया और वहां उसने कोऑपरेटिव सोसाइटी का लाइसेंस ले लिया. ओमा राम वहां राम मारवाड़ी के नाम से रहने लगा.

इंदौर में कई काम धंधों में नुकसान उठाने के बाद ओमा राम दिल्ली आ गया. यहां उसने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया. फिर 2018 में इसने कैश बैक बाजार के नाम ग्रॉसरी स्टोर खोला, लेकिन इसमें भी उसे नुकसान हुआ. 2020 में इसके खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें राम मारवाड़ी के नाम से गिरफ्तार हुआ.

इसके बाद 2021 में आरोपी के ई-कॉमर्स प्लेटफार्म बनाया और इंदौर शिफ्ट ही गया. इस प्लेटफार्म को बनाने के पीछे इसकी साजिश थी फिर से लोगों को ठगी का शिकार बनाना. इस दौरान दिल्ली पुलिस को इसके ठगी की जानकारी मिल गई और फिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मंत्री स्व. हेमसिंह भड़ाना को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने पूर्व मंत्री स्वर्गीय हेमसिंह भड़ाना को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस...

रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप को मिलेगा नया बल : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026-27 में...

भवन विकास निगम की कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने अभियंताओं को दिया मार्गदर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि निर्माण कार्य केवल ईंट-पत्थरों का जोड़ नहीं,...

नए श्रम कानूनों के विरोध में भोपाल में कर्मचारियों का प्रदर्शन

भोपाल केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार को राजधानी भोपाल में...

More like this

विश्वास का प्रतीक होती हैं सहकारिता संस्थाएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

ग्राम उत्थान शिविर’ से संवर रहा ग्रामीण राजस्थान

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'जनसेवा ही सर्वोपरि' की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश...

पटना-इंदौर एक्सप्रेस में कछुओं की तस्करी

भोपाल रेल से प्रतिबंधित वन्यजीवों की तस्करी के एक गंभीर मामले में आरपीएफ ने पटना-इंदौर...