नई दिल्ली,
देश में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. इस बढ़ती गर्मी के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में आगजनी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. ख़ासकर CNG कारों में आग लगने के मामले तेजी से आ रहे हैं. ऐसी ही एक घटना बीते रविवार को मेरठ जिले में भी हुई. जहां सड़क पर चलती एक CNG कार में अचानक से आग लग गई और इससे पहले कि कार सवार बाहर निकल पाते आग ने कार को पूरी तरह से अपने जद में लिया और मौके पर ही यात्रियों की मौत हो गई.
क्या है मामला:
बीते कल मेरठ जिले के जानी थाना क्षेत्र में गाजियाबाद से हरिद्वार जा रही एक चलती कार में आग लग गई. थोड़ी ही देर में आग इस कदर भड़की कि, कार में सवार यात्रियों को जान बचाने तक का मौका नहीं मिला और कार में सवार सभी यात्रियों की झुलसने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि, ये एक CNG हैचबैक कार थी.
अपर पुलिस अधीक्षक मेरठ (रूरल एरिया) कमलेश बहादुर ने आज तक से बातचीत में बताया कि, ये हादसा बीते रविवार को रात में तकरीबन 9 बजे कांवड़ मार्ग पर हुआ. स्थानीय लोगों ने कार में आग लगने की सूचना पुलिस को दी थी. सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल की टीम बड़े ही मशक्कत से कार में लगी आग को बुझाया. लेकिन तब तक कार में सवार सभी चार यात्रियों की जलकर मौत हो चुकी थी. पुलिस ने मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
कैसे लगी आग:
ASP कमलेश बहादुर का कहना है कि, “फिलहाल कार में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. लेकिन प्रथम दृष्टया ये शॉर्ट सर्किट का मामला लग रहा है. उन्होनें ये कहा कि, ये एक पुरानी सीएनजी कार थी जिसमें संभवत: मैनुअली (आफ्टर मार्केट) CNG किट लगाया गया था. आग कार के इंजन सेक्शन में पहले लगी और उसके बाद आग ने पूरी कार को अपने ज़द में ले लिया.”
CNG कारों में क्यों लगती है आग-
कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) एक बेहद ही ज्वलनशील गैस होती है. इसकी जरा सी लीकेज भी एक बड़े हादसे का रूप ले लेती है. आमतौर पर कंपनी फिटेड CNG कारों में वाहन निर्माता कंपनियां सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए वाहनों का निर्माण करती हैं. लेकिन जिन कारों में बाजार से CNG फीटिंग कराया जाता है वो उतना सुरक्षित नहीं होता है. आमतौर पर CNG कार में लगने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन यहां पर हम कुछ मुख्य बिंदुओं पर बात करेंगे-
मेंटनेंस की कमी:
किसी भी सीएनजी कार में आग लगने के सबसे प्रमुख कारणों में से एक ये होता है कि, ज्यादातर लोग कार के मेंटनेंस पर ध्यान नहीं देते हैं. कंपनी द्वारा निर्देशित समयानुसार वाहन की समय-समय पर जांच करना बेहद जरूरी होता है. पुरानी कारों में वायरिंग और अन्य पार्ट्स के पुराने हो जाने पर शॉर्ट सर्किट और लीकेज की समस्या बढ़ जाती है. कई बार ऐसे में मामलों में आग भी लगने का डर होता है.
