चंडीगढ़
यौन शोषण के आरोपों पर जांच का सामना कर रहे जींद के एसपी सुमित कुमार मंगलवार को चंडीगढ़ में महिला आयोग के समक्ष पेश हुए। उन्होंने अपने बयान दर्ज करवाए। इस बीच हरियाणा महिला आयोग ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच पूरी होने तक जींद के एसपी को पद से हटाने की सिफारिश की। वहीं, इस मामले की जांच अधिकारी फतेहाबाद की एसपी आस्था मोदी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोग के समक्ष पेश हुईं और अपनी अब तक की जांच को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दी।
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक पत्र पत्र वायरल हुआ था, जिसमें जींद के एसपी सुमित कुमार पर महिला पुलिसकर्मियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। इस मामले में कोई भी शिकायतकर्ता खुलकर सामने नहीं आया, लेकिन मुख्यमंत्री ने डीजीपी को इस मामले की जांच के आदेश जारी किए। डीजीपी ने फतेहाबाद की एसपी आस्था मोदी को मामले की जांच सौंपी।
जांच अधिकारी और आरोपी अधिकारी को तलब किया
इस बीच सोशल मीडिया में वायरल हो रहे पत्रों का संज्ञान लेते हुए महिला आयोग ने मंगलवार को जांच अधिकारी और आरोपी अधिकारी को तलब किया। जींद के एसपी ने महिला आयोग पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि इस मामले में अभी तक एक भी शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है। जींद के एक यू-टयूबर की तरफ से फर्जी ई-मेल बनाकर शिकायत को वायरल किया गया है। पहली शिकायत बिना हस्ताक्षर की थी, जबकि दूसरी शिकायत हस्ताक्षर के साथ आई।
मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखकर कहा
मामले की जांच कर रही फतेहाबाद की एसपी आस्था मोदी ने वीसी से पेश होकर अपनी जांच रिपोर्ट दी। बयान दर्ज करने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि पत्र में जिन महिला पुलिसकर्मियों के नाम वायरल हुए हैं उन्हें सात नवंबर को आयोग के समक्ष पेश होकर बयान दर्ज करवाने के लिए कहा गया है। इस बीच महिला आयोग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखकर कहा है कि जींद के एसपी पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। मामले की जांच पूरी होने तक उन्हें या तो बदला जाए, या उनका मुख्यालय चंडीगढ़ किया जाए अथवा जांच पूरी होने तक उन्हें अवकाश पर भेजा जाए।
जांच में करूंगा सहयोग, बंद हो मीडिया ट्रायलः एसपी
जींद के एसपी सुमित कुमार ने महिला आयोग में बयान दर्ज करवाने के बाद कहा कि इस केस में अभी तक एक भी शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है। जांच अधिकारी के समक्ष भी किसी महिला पुलिसकर्मी ने बयान नहीं दिया है। सुमित कुमार ने महिला आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करके मीडिया ट्रायल बंद करवाने की मांग की है।
