नई दिल्ली
भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना म्यांमार में आंतरिक संघर्ष के कारण स्थगित हो गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि इस परियोजना को रोका नहीं जा सकता और व्यावहारिक समाधान खोजे जाएंगे। यह हाइवे भारत को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ेगा और व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुवाहाटी में ‘एडवांटेज असम समिट’ में इस मुद्दे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत इंडिया- म्यांमार- थाईलैंड ट्राईलैटरल हाइवे (IMTT) महत्वपूर्ण है। म्यांमार में अशांति के कारण इस परियोजना में देरी हो रही है, लेकिन इससे निपटने के लिए व्यावहारिक समाधान खोजा जा रहा।
विदेश मंत्री ने किया ‘पड़ोसी पहले’ नीति का जिक्र
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुवाहाटी में ‘एडवांटेज असम समिट’ में भारत की विदेश नीति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में काफी प्रगति हुई है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने इन देशों को वैक्सीन भेजकर मदद की थी। यह इस नीति की सफलता का एक बड़ा उदाहरण है। जयशंकर ने कहा कि भारत और आसियान के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और इसे और आगे बढ़ाना चाहिए।
इंडिया-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय हाइवे का काम रुका
IMTT राजमार्ग परियोजना के बारे में जयशंकर ने कहा कि म्यांमार की स्थिति ने इंडिया-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय हाइवे (IMTT) परियोजना को रोक दिया है। हम म्यांमार अशांति को इतने महत्वपूर्ण काम को रोकने नहीं दे सकते। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने होंगे। जुलाई 2023 तक इस राजमार्ग का 70 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका था। 1400 किलोमीटर लंबा यह हाइवे भारत को दक्षिण पूर्व एशिया से सड़क मार्ग से जोड़ेगा। इससे तीनों देशों के बीच व्यापार, व्यवसाय, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कहां तक जाएगा ये हाइवे प्रोजेक्ट
ये हाइवे मणिपुर के मोरेह को म्यांमार होते हुए थाईलैंड के मॅई सॉट से जोड़ेगा। हालांकि, इस परियोजना के पूरा होने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है। इससे पहले, सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2019 तक इसे चालू करना था, लेकिन कई बार देरी हो चुकी है।’पड़ोसी पहले’ नीति भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों का मार्गदर्शन करती है। जयशंकर ने कहा कि हमने नई सड़कें, चेकपॉइंट, रेल लिंक, जलमार्ग, पावर ग्रिड, ईंधन पाइपलाइन और परिवहन सुविधाएं देखी हैं। आने वाले वर्षों में और भी बहुत कुछ होना है।
‘एडवांटेज असम समिट’ में बोले जयशंकर
जयशंकर ने जापान और दक्षिण कोरिया की भारत में बढ़ती आर्थिक भूमिका का भी जिक्र किया। जापान ने पूर्वोत्तर में विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है, खासकर परिवहन और शैक्षिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में। मलेशिया और थाईलैंड ने भारतीयों के लिए वीजा नियमों में ढील दी है और अन्य आसियान सदस्यों ने हवाई संपर्क बढ़ाया है। शिक्षा और कौशल विकास भविष्य में सहयोग के क्षेत्र हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय (IMTT) हाइवे बेहद महत्वपूर्ण है।
