बाड़मेर।
राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में स्थित हिंगलाज माता के मंदिर में नवरात्र के दौरान पूजा पर लगाई गई रोक को लेकर विवाद बढ़ गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक और भाजपा नेता तरुण विजय ने इस मामले में राजस्थान की गहलोत सरकार पर बड़ा हमला बोला है। तरुण विजय का कहना है जो काम पाकिस्तान की सरकार नहीं कर सकी, वह राजस्थान की गहलोत सरकार ने कर दिया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान से लगती सीमा पर राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित इस मंदिर में जो ज्योत प्रज्वलित है, यह वही ज्योत है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ में प्रज्जवलित है। इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के वक़्त इसे विशेष रूप से पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ से बाड़मेर लाया गया था।
नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजन पर रोक
नवरात्र के दौरान माता के मंदिर में धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है लेकिन राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने नवरात्र के दौरान इस मंदिर में किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन पर रोक लगाते हुए मंदिर कमेटी के अध्यक्ष को पाबंद किया है। स्थानीय पुलिस द्वारा उन्हें लिखित रूप से नोटिस जारी करते हुए तत्काल रूप से इसके पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि नवरात्र के दौरान इस मंदिर में किसी भी प्रकार का कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं किया जाए।
क्या है मामला
गौरतलब है कि हिंगलाज माता खत्री समाज की आराध्य देवी हैं और इस मंदिर का संचालन खत्री समाज द्वारा ही किया जाता है। बीते कुछ समय से समाज के दो गुटों में किसी बात को लेकर विवाद है और यही विवाद मंदिर में नवरात्रि पूजा पर रोक का कारण बन गया है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लेखराज खत्री को शहर कोतवाल गंगाराम खावा की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इस मंदिर को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है, जो कभी भी उग्र रूप धारण कर सकता है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं किया जाए और इस नोटिस की तत्काल पालना की जाए।
तरुण विजय ने गहलोत सरकार पर साधा निशाना
हिंगलाज माता मंदिर में नवरात्र पूजा पर रोक को लेकर तरुण विजय ने अब गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। तरुण विजय का कहना है जो काम बलूचिस्तान और पाकिस्तान की सरकार नहीं कर पाई वह राजस्थान की गहलोत सरकार ने कर लिया है। हिंदुओं के लिए काला दिन बताते हुए तरुण विजय ने लिखा कि बावेजा और शाहबाज की सरकार जो नहीं कर सकी वो राजस्थान की गहलोत सरकार ने कर दिया। उन्होंने इसका पुरजोर विरोध करने की अपील की है।
