नई दिल्ली
महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल महिलाओं के लिए माझी लड़की बहिन योजना शुरू की थी। इसके तहत सरकार प्रदेश की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद देती है। अब इस स्कीम को लेकर एनसीपी (एससीपी) के मुखिया शरद पवार ने रविवार को महायुति सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के साथ में बहुत बड़ा धोखा है।
महाविकास अघाड़ी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं से लड़की बहिन स्कीम की वजह से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ के बारे में सवाल किया गया। इस मामले पर बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि महिलाओं के आत्मसम्मान को बढ़ाने के लिए स्कीम को लागू किया जाता है तो हम भी उसको खुलकर सपोर्ट करते हैं और सबसे बड़ा सवाल अभी यही है कि यह स्कीम स्थायी है या अस्थायी है।
इस तरह की स्कीम की घोषणा की जाती है तो राज्य सरकार के बजट में प्रावधान किए जाते हैं। बजट में इसका सही तरह से कोई भी प्रावधान साफतौर पर नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि यह स्कीम केवल एक चुनावी अभियान है। हमें भरोसा है कि यह महिलाओं के साथ एक तरह से धोखा है।
माझी लड़की बहिन योजना
इस साल के अगस्त महीने की शुरुआत के बाद से ही स्कीम महाराष्ट्र की महायुति सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच विवाद का विषय रही है। सरकार इस स्कीम को अपनी कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है। वहीं विपक्षी महा विकास अघाड़ी इस बात पर जोर दे रही है कि राज्य के पास इस स्कीम को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक संसाधन मौजूद नहीं है। जुलाई में राज्य के बजट में इस स्कीम को लागू करने के लिए राज्य ने 46,000 करोड़ रुपये आवंटित किए। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 8 अक्टूबर को राज्य सरकार पर विधानसभा चुनाव से पहले विज्ञापनों के जरिए फर्जी कहानियां गढ़ने का आरोप लगाया।
सीएम एकनाथ शिंदे ने पहले लड़की बहिज स्कीम के लिए आवेदन करने के लिए 30 सितंबर तक की टाइम लिमिट दी थी। इसके अनुसार लाखों महिलाओं ने अपना आवेदन जमा किया था। साथ ही, अगस्त और सितंबर महीने में आवेदन जमा करने वाली महिलाओं को भी स्कीम का फायदा मिला। इस बीच सरकार ने अब आवेदन की लास्ट डेट 15 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। ऐसे में महिलाओं को आवेदन करने का एक और मौका मिला है।
